इधर होर्मुज पर उलझी दुनिया, उधर यूक्रेन ने रूस पर बरसाया कहर, रिफाइनरी और जहाजों पर हमला
रूस और यूक्रेन में जारी युद्ध में रविवार को कीव की तरफ से जोरदार हमला किया गया है। यू्क्रेनी सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने काले सागर के किनारे मौजूद रूसी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके अलावा तीन रूसी जहाजों पर भी हमला किया है।

Russia Ukraine war: पूरी दुनिया का ध्यान इस वक्त ईरान युद्ध के ऊपर बना हुआ है। इसी बीच यूक्रेन ने रूस के ऊपर एक बड़ा हमला किया है। काले सागर के किनारे स्थित रूसी सैन्य ठिकानों पर यूक्रेन ने ड्रोन्स और मिसाइलों से हमला किया है। कीव के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने सेबास्तापोल बे के आस पास रूसी ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके अलावा यूक्रेन ने दावा किया कि उन्होंने काले सागर में मौजूद रूस के दो जहाजों के ऊपर भी हमला किया है।
रूसी अधिकारियों ने जहाजों पर हमले की पुष्टि नहीं की है, लेकिन तेल डिपो और रिफाइनरियों पर हुए हमलों को लेकर उन्होंने दावा किया है कि एयर डिफेंस ने 112 से ज्यादा यूक्रेनी ड्रोन्स और मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। रविवार को ही एक और यूक्रेनी हमले में रूस की तुयाप्से रिफाइनरी पर भी हमला हुआ है। यह रिफाइनरी प्रतिदिन करीब 2,40,000 बैरल क्रूड ऑयल प्रॉड्यूस करती है। रूसी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
यूक्रेन का दावा, रूस के जहाजों को बनाया निशाना
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसकी विशेष यूनिट ने क्रीमिया पर ड्रोन हमला किया है। इसमें रूस के दो से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाया है। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक इन जहाजों के अलावा रूसी रडार सिस्टम, कम्युनिकेशन डिवाइसस पर भी हमला किया गया है। यूक्रेन द्वारा किए गए इस दावे पर अभी तक रूस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बता दें, पिछले चार साल से जारी रूस और यूक्रेन युद्ध दोनों पक्षों के लिए मुसीबत बना हुआ है। हालांकि, दोनों ही पक्ष अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं। इस युद्ध को समाप्त करवाने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी इस वक्त ईरान में उलझे हुए हैं। ऐसे में यह संकट के जल्दी समाप्त होने की संभावना घट गई है। पिछले चार साल से दोनों सेनाएं लगातार युद्ध के मैदान में बनी हुई है। इसकी वजह से लाखों सैनिकों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन की मदद कर रहे अमेरिका के लिए भी स्थिति विकट बनी हुई है। ईरान का युद्ध अगर फिर से शुरू होता है, तो यह यूक्रेन के लिए भी एक खतरे की घंटी साबित होगा। क्योंकि यूक्रेन पिछले चार साल से अमेरिकी हथियारों की दम पर ही इस युद्ध को लड़ रहा है।
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