रूस-यूक्रेन जंग में आया बड़ा मोड़, 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति; खत्म होगा युद्ध?
स्टीव विटकॉफ ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने पांच महीनों के बाद पहली बार 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यूक्रेनी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है।
रूस-यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने 314 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति व्यक्त की है। अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने गुरुवार को यह महत्वपूर्ण घोषणा की। पिछले पांच महीनों में यह दोनों देशों के बीच इस तरह का पहला कैदी विनिमय समझौता है। अबू धाबी में चल रही शांति वार्ता का यह एक बड़ा परिणाम माना जा रहा है। स्टीव विटकॉफ ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने पांच महीनों के बाद पहली बार 314 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यूक्रेनी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है। विटकॉफ ने अबू धाबी में चल रही त्रिपक्षीय वार्ता में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि इसके और परिणाम आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है।
आगे भी होगी कैदियों की अदला-बदली पर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के साथ संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद विटकॉफ ने कहा कि यह उपलब्धि विस्तृत और सार्थक शांति वार्ता के परिणामस्वरूप हासिल हुई है। हालांकि अभी बहुत कुछ करना बाकी है, लेकिन ऐसे कदम दिखाते हैं कि निरंतर राजनयिक प्रयास ठोस नतीजे दे रहे हैं और यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने की दिशा में प्रगति हो रही है। दूसरी ओर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस सप्ताह की बातचीत को क्रेमलिन की प्रतिबद्धता की परीक्षा करार दिया। यह तब हुआ जब रूसी सेना ने कीव पर इस साल का सबसे बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिससे राजधानी में अंधेरा छा गया। जेलेंस्की ने कहा कि कैदियों की अदला-बदली पर आगे भी चर्चा होगी और निकट भविष्य में और वार्ता होने की उम्मीद है।
एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे दोनों देश
यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने बुधवार देर रात अबू धाबी में हुई वार्ता को 'सार्थक और फलदायी' बताया। उनके एक सहयोगी के अनुसार, गुरुवार को हुई चर्चा समाप्त हो गई है। अबू धाबी में रूसी और अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की बैठक के बाद अमेरिका और रूस ने उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। अमेरिकी सेना की यूरोपीय कमान ने एक बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, यह सहमति अबू धाबी में अमेरिकी यूरोपीय कमान के कमांडर जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच (जो नाटो के यूरोप में सर्वोच्च सहयोगी कमांडर भी हैं) तथा वरिष्ठ रूसी और यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों की बैठकों के बाद बनी। यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से ये वार्ताएं अबू धाबी में हो रही हैं। बयान में कहा गया है कि यह वार्ता सभी पक्षों के बीच स्थायी शांति की दिशा में निरंतर सैन्य संपर्क बनाए रखेगी।
अब तक मारे गए 55000 सैनिक
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने खुलासा किया कि रूस के साथ लगभग चार साल से जारी युद्ध में अब तक उनके 55 हजार सैनिक मारे गए हैं। जेलेंस्की ने बुधवार रात फ्रांसीसी चैनल से बात करते हुए कहा कि करीब चार साल पहले रूस के आक्रमण के बाद से अब तक यूक्रेन के 55000 सैनिक मारे गए हैं। बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इस दौरान उन्होंने सहयोगी देशों से रूस पर दबाव डालने की अपील की ताकि वह अपना व्यापक हमला समाप्त कर दे, जो 24 फरवरी 2022 से चल रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध के बाद रूसी हमलों से बचाव के लिए उनके देश को सुरक्षा गारंटी की जरूरत है। सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि शांति की दिशा में वास्तविक प्रगति हो रही है, न कि रूस हर चीज का फायदा उठाकर हमले जारी रखे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन