दूसरों के झगड़े सुलझाने चला पाकिस्तान, लेकिन अफगानिस्तान से तनाव पर खामोश
पाकिस्तान, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में चौधरी बनने चला है। वह इस युद्ध में मध्यस्थता करके शांतिदूत बनने की मंशा पाले हुए है। लेकिन अफगानिस्तान के तनाव पर वह पूरी तरह से खामोश है। यहां तक वह रूस के मध्यस्थता करने संबंधी सवालों का जवाब भी नहीं दे रहा है।
पाकिस्तान, अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में चौधरी बनने चला है। वह इस युद्ध में मध्यस्थता करके शांतिदूत बनने की मंशा पाले हुए है। लेकिन अफगानिस्तान के तनाव पर वह पूरी तरह से खामोश है। यहां तक वह रूस के मध्यस्थता करने संबंधी सवालों का जवाब भी नहीं दे रहा है। इस बारे में रूस का बयान आया है। इसके मुताबिक रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। अब तक दोनों देशों में से हालांकि किसी भी पक्ष ने इसकी औपचारिक मांग नहीं की है। रूसी विदेश मंत्रालय के सलाहकार और अफगानिस्तान के लिए राष्ट्रपति के विशेष दूत ज़मीर काबुलोव ने कहाकि यदि दोनों पक्ष अनुरोध करते हैं तो रूस मध्यस्थता के लिए तैयार है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिली है।
कई हवाई हमले
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में संदिग्ध आतंकवादी ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। अफगान अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कई नागरिकों की मौत और कई लोग घायल हुए। इसके जवाब में 26 फरवरी को अफगानिस्तान ने डूरंड रेखा (दोनों देशों के बीच विवादित सीमा) के पास पाकिस्तानी ठिकानों के खिलाफ सैन्य अभियान चलाया था। पाकिस्तान ने इसे ‘बिना उकसावे की गोलाबारी’ बताते हुए जवाबी कार्रवाई के तौर पर ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ शुरू करने की घोषणा की थी। इस तरह दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है, जिसे कम करने के लिए रूस ने अब मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पेशकश की है।
संघर्ष विराम के बाद फिर छिड़ी वॉर
गौरतलब है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर अस्थायी युद्धविराम खत्म होने के बाद बुधवार को एक बार फिर हमले शुरू हो गए। इस संघर्ष में अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। अफगान तालिबान अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में सूचना और संस्कृति विभाग के प्रवक्ता जिया-उर-रहमान स्पिंगहर ने बताया कि मुस्लिमों के त्योहार ईद-उल-फितर से पहले दोनों पक्षों ने संक्षिप्त संघर्षविराम की घोषणा की थी। इसके खत्म होते ही पाकिस्तानी बलों ने नराई और सरकानो जिलों में दर्जनों तोप के गोले दागे, जिससे दो नागरिकों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए, जिसके बाद अफगान सीमा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की।
एक-दूसरे पर हमले
स्पिंगहर ने दावा किया कि उन्होंने पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को तबाह कर दिया और एक व्यक्ति को मार गिराया। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। पाकिस्तान की सेना की ओर से इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है। इस बीच, उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान के एक स्थानीय अधिकारी ने अफगान बलों पर कई क्षेत्रों में गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया। सऊदी अरब, तुर्किए और कतर के अनुरोध पर अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों पर रोक को लेकर दोनों पक्षों के सहमति जताने के करीब एक सप्ताह बाद ये हमले हुए हैं।
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