अमेरिकी मध्यस्थता के बीच रूस का मास्टरस्ट्रोक, जेलेंस्की को मॉस्को बुलाया; अब रुकेगा यूक्रेन युद्ध?
यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रूस ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है। यह बुलावा ऐसे में आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के बीच एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है। रूस ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आमंत्रित किया है। यह बुलावा ऐसे में आया है जब अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि मॉस्को ने जेलेंस्की को आमंत्रण भेज दिया है, लेकिन अब तक कीव की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
गौरतलब है कि पिछले साल जेलेंस्की ने इसी तरह का एक निमंत्रण ठुकरा दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि वह उस देश की राजधानी नहीं जा सकते, जो रोज उनके देश पर मिसाइल हमले कर रहा हो। इसके बजाय उन्होंने सुझाव दिया था कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीव आएं।
अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता से वार्ता
पिछले सप्ताह अबू धाबी में अमेरिका की मध्यस्थता से शांति वार्ता को दोबारा शुरू करने की कोशिश की गई, हालांकि रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के रुख में अब भी बड़े मतभेद बने हुए हैं। बातचीत में तेजी आने के बीच एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि जेलेंस्की और पुतिन की संभावित बैठक अब 'काफी करीब' है। इसी क्रम में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता का एक और दौर रविवार को अबू धाबी में होने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए समझौते पर जोर दे रहे हैं, ने कहा है कि वार्ता प्रक्रिया में 'बहुत सकारात्मक चीजें' हो रही हैं।
विवाद के मुद्दे अब भी बरकरार
हालांकि शांति समझौते के रास्ते में कई बड़े मुद्दे अब भी अड़चन बने हुए हैं। इनमें यह सवाल शामिल है कि किसी संभावित समझौते में किसे कौन सा इलाका मिलेगा, युद्ध के बाद यूक्रेन में अंतरराष्ट्रीय शांति रक्षकों या पर्यवेक्षकों की भूमिका क्या होगी और रूसी नियंत्रण वाले ज़ापोरिज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र का भविष्य क्या होगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर मतभेद सबसे जटिल मुद्दों में से एक है और इसे सुलझाना बेहद कठिन साबित हो रहा है।
रूस चाहता है कि यूक्रेनी सेना डोनेट्स्क क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से से पीछे हट जाए, जिस पर अभी रूस का पूर्ण नियंत्रण नहीं है। वहीं यूक्रेन का कहना है कि वह ऐसे इलाकों को मॉस्को को सौंपने के लिए तैयार नहीं है, जिन्हें रूस ने युद्ध के मैदान में हासिल नहीं किया है और जो भविष्य में रूसी सेनाओं के लिए आगे बढ़ने का आधार बन सकते हैं।
ट्रंप का दावा: एक हफ्ते तक हमले रोकने पर सहमति
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों पर एक सप्ताह तक हमले न करने पर सहमत हो गए हैं। ट्रंप ने कहा कि कड़ाके की ठंड के कारण कई इलाकों में इमारतें बिना हीटिंग के रह गई थीं। कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने क्षेत्र में 'असाधारण ठंड' का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पुतिन से आग्रह किया था कि वे एक हफ्ते तक कीव और आसपास के शहरों पर हमले न करें, जिस पर पुतिन सहमत हो गए।
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