अभी नहीं थमेगी यूक्रेन की जंग! ट्रंप ने छठी बार मिलाया था पुतिन को फोन, रूस ने दे दिया झटका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बीते कुछ महीनों में कई बार फोन पर बातचीत हुई है। ट्रंप बीते तीन साल से ज्यादा समय से जारी जंग में सीजफायर कराने की कोशिश में अब तक कामयाब नहीं हो पाए हैं।

शपथ लेने के 24 घंटों के भीतर रूस-यूक्रेन जंग को सुलझाने का वादा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पुतिन ने एक और झटका दे दिया है। गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की है। इस दौरान पुतिन ने कथित तौर पर ट्रंप को साफ शब्दों में यह कहा दिया है कि रूस यूक्रेन में अपने लक्ष्यों को हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेगा। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच बीते तीन सालों से ज्यादा समय से जंग जारी है। बीते कुछ महीनों में ट्रंप ने मध्यस्थता कर सीजफायर करवाने की कोशिशें की हैं, हालांकि उन्हें अब तक कामयाबी नहीं मिली है।
राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से ट्रंप ने पुतिन के साथ छठी बार फोन पर बातचीत की है। क्रेमलिन के एक सहयोगी ने पुतिन और ट्रंप के बीच हुई बातचीत की जानकारी साझा की है। इसके मुताबिक पुतिन ने कहा है कि रूस अपने लक्ष्यों को पूरा किए बिना नहीं रुक सकता। हालांकि पुतिन ने यह भी कहा है कि रूस बातचीत के जरिए समाधान निकालने की प्रकिया में विश्वास रखता है।
रूस का क्या है उद्देश्य
क्रेमलिन के प्रवक्ता यूरी उशाकोव ने मीडिया को बताया कि विस्तृत बातचीत में ट्रंप ने युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने की बात कही। वहीं पुतिन ने कहा कि रूस बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है, लेकिन यह जंग के मूल कारणों को दूर करने पर केंद्रित है। बता दें कि यहां मूल कारण से रूस का मतलब यह है कि रूस को यूक्रेन के साथ जंग के लिए इसीलिए उतरना पड़ा ताकि यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोका जा सके और पश्चिमी देशों का यह गठबंधन रूस पर हमला करने के लिए यूक्रेन को लॉन्च पैड के रूप में इस्तेमाल न कर सके।
जेलेंस्की से भी बातचीत करेंगे ट्रंप
वहीं राष्ट्रपति ट्रंप शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बातचीत कर सकते हैं। मामले से परिचित सूत्रों के मुताबिक इस दौरान दोनों नेताओं में ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में यूक्रेन को आर्टिलरी राउंड और एयर डिफेंस की सप्लाई को रोकने के फैसले को लेकर बातचीत हो सकती है। इससे पहले जेलेंस्की ने भी कहा था कि वह इस फैसले को लेकर ट्रंप के साथ चर्चा करेंगे।
अमेरिका के फैसले पर सबकी निगाहें
गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में यूक्रेन को इन हथियारों की सप्लाई रोक कर सबको हैरत में डाल दिया था। वाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी हथियारों के भंडार की समीक्षा के बाद ही आपूर्ति रोकने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका के पास इन हथियारों का स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। जिन हथियारों की आपूर्ति पर रोक लगाई गई, उनमें 155 मिमी आर्टिलरी शेल और पैट्रियट एयर-डिफेंस बैटरी शामिल हैं। ये हथियार रूसी ड्रोन और मिसाइलों की मार रोकने के लिए यूक्रेन के लिए बेहद अहम हैं।
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