पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड के जनाजे में हमले का खौफ, हथियारों से लैस होकर पहुंचे आतंकी
पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान पीओके में अज्ञात हमलावर द्वारा मारा गया। उसके जनाजे में सैयद सलाउद्दीन समेत कई खूंखार आतंकी शामिल हुए। आएसआई के अधिकारी भी जनाजे में शामिल होने आए थे।

पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड और वॉन्टेड आतंकी अर्जुनमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की अज्ञात शख्स द्वारा हत्या के बाद शुक्रवार को दफना दिया गया। उसके 'नमाज-ए-जनाजा' में कई खूंखार आतंकवादी भी शामिल हुए थे। उसे पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दफनाया गया है। इस मौके पर हिजबुल मुजाहिद्दीन चीफ सैयद सलाउद्दीन और अल-बद्र सुप्रीमो बख्त जमीन खान भी मौजूद थे। हमजा बुरहान को लोग डॉक्टर के नाम से जानते थे।
ISI के अधिकारी भी जनाजे में पहुंचे
बुरहान के जनाजे में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी भी पहुंचे थे। अल बद्र चीफ बख्त जमीन खान और सैयद सलाउद्दीन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सामने आई तस्वीरों के मुताबिक इन खूंखार आतंकियों की सुरक्षा में कई आतंकी एके-47 और अन्य हथियार लेकर तैनात थे। आतंकियों को यहां भी अज्ञात हमले का डर सता रहा था। बता दें कि पाकिस्तान में भारत के दर्जनों दुश्मन अज्ञात हमलावरों का निशाना बन चुके हैं।
बता दें कि 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर हमला हुआ था जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। बुरहान बाद में पाकिस्तान चला गया था और उसने अल-बद्र जॉइन कर लिया था। 2022 में केंद्र सरकार ने बुरहान को आतंकी घोषित कर दिया था। हाल के दिनों में बुरहान पीओके में अंडरकवर रह रहा था और एक शिक्षक के तौर पर कार्य कर रहा था। वह मुजफ्फराबाद के एक प्राइवेट स्कूल में प्रिंसिपल बना दिया गया था।
पाकिस्तानी पुलिस के मुताबिक बुरहान के सिर में तीन गोलियां मारी गई थीं। उसेअस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पाकिस्तान की पुलिस ने बाद में दावा किया कि उसने एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। स्थानीय लोगों का भी दावा है कि मारने वाला भागने की फिराक में था लेकिन उसे लोगों ने पकड़ लिया।
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी उसके पिता गुलजार अहमद डार ने कहा कि उनके दूसरे बेटे शाहिद गुलजार को भाई के कृत्यों के लिए सजा नहीं दी जानी चाहिए। शाहिद को 2022 में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जम्मू जेल में कैद है।
डार ने कहा, “अर्जुमंद 28 जनवरी 2018 को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए पाकिस्तान गया था। वह मुझसे पूछे बिना खुद वहां गया। इससे पहले वह 2017 में बेंगलुरु स्थित राजीव गांधी विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। वहां पहला सेमेस्टर पूरा करने के बाद वह दिसंबर में घर लौटा और जनवरी में फिर चला गया।” उन्होंने बताया कि इसके लगभग 13 दिन बाद परिवार को पता चला कि अर्जुमंद पाकिस्तान चला गया है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन