Pakistani forces bombed mosque in village in North Waziristan खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद पर बमबारी, पाकिस्तान सेना पर ड्रोन हमले का गंभीर आरोप, International Hindi News - Hindustan
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खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद पर बमबारी, पाकिस्तान सेना पर ड्रोन हमले का गंभीर आरोप

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में नमाज अदा करने के वक्त एक मस्जिद पर ड्रोन हमला कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह घटना बनू जिले के डोमेल स्पार्का तहसील के स्पार्का गांव में घटी, जहां कथित रूप से पाकिस्तानी सेना ने एक मस्जिद को निशाना बनाया।

Mon, 17 Nov 2025 02:39 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद पर बमबारी, पाकिस्तान सेना पर ड्रोन हमले का गंभीर आरोप

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में नमाज अदा करने के वक्त एक मस्जिद पर ड्रोन हमला कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक, यह घटना बनू जिले के डोमेल स्पार्का तहसील के स्पार्का गांव में घटी, जहां कथित रूप से पाकिस्तानी सेना ने एक मस्जिद को निशाना बनाया। पश्तून तहफुज़ मूवमेंट (पीटीएम) हॉलैंड के जारी किए गए बयान के अनुसार, डोमेल स्पार्का तहसील के जाला बनू गांव में अस्र की नमाज के दौरान पाकिस्तानी सेना ने कथित तौर पर बमबारी की, जिसमें दो पश्तून नागरिक घायल हो गए। इस हमले के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी है। बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।

वहीं, पीटीएम हॉलैंड ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे धार्मिक पवित्रता तथा मानवीय सम्मान पर सीधा प्रहार बताया है। संगठन ने इसे दशकों पुरानी पाकिस्तानी राज्य की ज्यादतियों का एक नया प्रमाण करार दिया तथा आरोप लगाया कि पश्तून क्षेत्रों को बार-बार 'युद्ध का प्रयोगशाला' बना दिया जाता है। बयान में कहा गया कि धर्म स्थल, घर, स्कूल, गांव; कुछ भी सुरक्षित नहीं छोड़ा गया। संगठन ने मांग की है कि राज्य स्पष्ट करे कि मस्जिद पर बमबारी किस कानून, किस युद्ध और किस मानवता के नाम पर की गई।

संगठन का दावा है कि यह हमला पश्तून समुदायों के खिलाफ व्यवस्थित हिंसा के एक पैटर्न को उजागर करता है, और चेतावनी दी कि लगातार जारी सैन्यीकरण ने निवासियों को रोजमर्रा के भय और एकांत में जीने को विवश कर दिया है। दूसरी ओर, पश्तून तहफुज मूवमेंट-यूनाइटेड स्टेट्स (पीटीएम-यूएस) ने पाकिस्तान के पश्तून इलाकों में लंबे समय से हो रही बर्बरताओं पर वैश्विक नजरें खींचने के लिए एक प्रमुख कूटनीतिक अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

पीटीएम-यूएस के अनुसार, टेक्सास के सैन एंटोनियो में आयोजित जिरगा घोषणापत्र को औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं के समक्ष पेश किया जाएगा। समूह ने बताया कि इस कदम का मकसद पश्तूनों के खिलाफ जारी अत्याचार, मनमानी हिरासतें और युद्धवादी नीतियों को दुनिया के सामने लाना है। बयान में जोर देकर कहा गया कि जब तक न्याय, आजादी और मानवता की पुकार अंतरराष्ट्रीय पटल तक नहीं पहुंच जाती, हम चुप नहीं रहेंगे।

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