Pakistan to repay Muslim nation UAE debt for dignity foreign exchange reserves severe hit इज्जत की खातिर मुस्लिम देश का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, लेकिन विदेशी भंडार की लंका लगना तय, International Hindi News - Hindustan
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इज्जत की खातिर मुस्लिम देश का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, लेकिन विदेशी भंडार की लंका लगना तय

कंगाल पाकिस्तान 'राष्ट्रीय गरिमा' के नाम पर UAE को 3.5 अरब डॉलर का कर्ज लौटाने जा रहा है, जिससे उसका विदेशी मुद्रा भंडार दांव पर है। वहीं, देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 55% तक की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें।

Sat, 4 April 2026 12:51 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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इज्जत की खातिर मुस्लिम देश का कर्ज चुकाएगा पाकिस्तान, लेकिन विदेशी भंडार की लंका लगना तय

विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले असर की परवाह किए बिना, पाकिस्तान ने इस महीने के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज लौटाने का फैसला किया है। इस कर्ज को लौटाने से पाकिस्तान के खजाने पर एक बार फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसके साथ ही देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि को लेकर संसद में भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला है।

UAE को कर्ज वापसी और 'राष्ट्रीय गरिमा'

पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने बताया कि UAE को कर्ज लौटाने का यह कदम 'राष्ट्रीय गरिमा' को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई ने अपने पैसों को तुरंत वापस करने की मांग की थी। यह फंड 2019 में 'अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट' के जरिए पाकिस्तान के भुगतान संतुलन को स्थिर करने के लिए बाहरी वित्तीय सहायता के रूप में दिया गया था। अधिकारी ने कहा कि यह राशि जल्द से जल्द लौटा दी जाएगी... वित्तीय कारणों से राष्ट्रीय गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता।

भुगतान की तारीखें और राशि

पाकिस्तानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कर्ज तीन किस्तों में लौटाया जाएगा।

11 अप्रैल 2026: 450 मिलियन डॉलर (यह 1996-97 का पुराना कर्ज है, जो सिर्फ एक साल के लिए लिया गया था लेकिन 30 साल तक रोलओवर होता रहा)।

17 अप्रैल 2026: 2 अरब डॉलर।

23 अप्रैल 2026: 1 अरब डॉलर।

इसके अलावा, पाकिस्तान इस महीने कुल 4.8 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाएगा, जिसमें 8 अप्रैल को 1.3 अरब डॉलर का यूरोबॉन्ड भी शामिल है। UAE ने पहले कई सालों तक पाकिस्तान को बड़े-बड़े डिपॉजिट रोलओवर किए थे। 2018 में दिए गए 2 अरब डॉलर के कर्ज पर पाकिस्तान सालाना करीब 130 मिलियन डॉलर ब्याज देता रहा। लेकिन फरवरी 2026 में UAE ने रोलओवर को सिर्फ एक महीने तक सीमित कर दिया। अबू धाबी ने स्पष्ट संकेत दिया कि अब पुरानी नीति नहीं चलेगी।

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यूएई ने क्यों मांगा अपना पैसा?

UAE खुद ईरान-अमेरिका युद्ध में फंसा है। पिछले एक महीने में उसने 400 से ज्यादा मिसाइलें और 200 से ज्यादा ईरानी ड्रोनों को रोका है। फिर भी उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। UAE अब अपनी घरेलू सुरक्षा के लिए फंड बचाना चाहता है। इसके अलावा, रियाद में इस्लामिक देशों की बैठक में पाकिस्तान ने ईरान के खिलाफ पूरी तरह खड़ा होने से इनकार कर दिया। UAE को लगता है कि पाकिस्तान का झुकाव ईरान की तरफ है। इससे रिश्तों में खटास आई और UAE ने कर्ज वापस मांग लिया। अब पाकिस्तान इसे इज्जत बचाने का मौका बता रहा है। लेकिन दशकों तक 'भीख मांगकर' रोलओवर लेने से उसकी साख गिर रही थी।

विदेशी मुद्रा भंडार पर असर: 'लंका' लगना तय?

पाकिस्तान के पास अभी कुल लिक्विड फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व करीब 21.79 अरब डॉलर है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) के पास 16.38 अरब डॉलर और कमर्शियल बैंकों के पास 5.41 अरब डॉलर शामिल हैं। 3.5 अरब डॉलर का भुगतान, प्लस अन्य कर्ज चुकाने के बाद रिजर्व में करीब 4 अरब डॉलर की भारी कमी आ जाएगी। यानी पाक की सरकारी बैंक के पास मौजूद शुद्ध रिजर्व घटकर 12 अरब डॉलर के आसपास रह जाएगा। पाकिस्तान पहले से ही कम रिजर्व से जूझ रहा है। उसके पास महज 2-3 महीने के आयात को कवर करने लायक विदेशी मुद्रा है।

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विदेशी भंडार में 18% की गिरावट का खतरा

करीब 4 अरब डॉलर की इस बड़ी अदायगी से देश के रिजर्व में लगभग 18% से ज्यादा की कमी आ सकती है, जिससे उसका बाहरी बफर काफी कमजोर हो जाएगा। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर इस फंड की भरपाई किसी नए निवेश से नहीं की गई, तो पाकिस्तानी मुद्रा पर भारी दबाव पड़ेगा और IMF कार्यक्रम के तहत देश की स्थिति और बहुत जटिल हो जाएगी। इस बीच, पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में कहा कि वे स्थिर विदेशी मुद्रा भंडार सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान के बाहरी प्रवाह की लगातार निगरानी और प्रबंधन कर रहे हैं।

पाकिस्तान फिलहाल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यक्रम के अधीन है। इसके तहत उसे अपने विदेशी मुद्रा भंडार को बनाए रखने के लिए चीन, सऊदी अरब और UAE जैसे प्रमुख साझेदारों से लगभग 12.5 अरब डॉलर के रोलओवर की आवश्यकता है। रोलओवर का मतलब किसी मौजूदा कर्ज की मैच्योरिटी अवधि को आगे बढ़ाना है। इसमें पुराने लोन को न चुकाकर, उस पर ब्याज के साथ उसे एक नए, अक्सर महंगे लोन में बदल दिया जाता है।

ईंधन की कीमतों में भारी उछाल और संसद में हंगामा

एक तरफ जहां देश भारी कर्ज चुकाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली (संसद) में भारी हंगामा हुआ है। ईंधन की कीमतों में भारी उछाल के खिलाफ विपक्षी सांसदों के उग्र प्रदर्शन के कारण शुक्रवार का विधायी सत्र बाधित हो गया। इस हंगामे के चलते संसद अपने विस्तृत 90-सूत्रीय एजेंडे पर चर्चा नहीं कर सकी। पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार देर रात पेट्रोल की कीमतों में 43% और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की दरों में 55% की भारी बढ़ोतरी की घोषणा की।

नई कीमतें:

पेट्रोल: 458.4 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर।

हाई-स्पीड डीजल (HSD): 520.35 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर।

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सरकार ने इस ऐतिहासिक मूल्य वृद्धि का कारण मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से पैदा हुए वैश्विक ईंधन संकट को बताया है। विपक्ष के भारी विरोध के बीच, डिप्टी स्पीकर गुलाम मुस्तफा शाह को बिना कोई आधिकारिक कामकाज पूरा किए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। इस सत्र में प्रश्नकाल, सोलर नेट मीटरिंग नीतियों पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और कई अहम विधायी बिलों पर चर्चा होनी थी, जो अब लटक गए हैं।

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