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पाकिस्तान ने 'खुद' से बना ली फतेह-II मिसाइल, कितनी दूर कर सकती है वार? S-400 के आगे फुस्स

पाकिस्तान ने 400km मारक क्षमता वाली नई फतेह-II मिसाइल का परीक्षण किया है। जानिए इस पाकिस्तानी मिसाइल की खासियतें और कैसे भारत का S-400 'सुदर्शन चक्र' एयर डिफेंस सिस्टम इसे हवा में ही नष्ट करने में पूरी तरह सक्षम है।

Wed, 29 April 2026 02:31 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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पाकिस्तान ने 'खुद' से बना ली फतेह-II मिसाइल, कितनी दूर कर सकती है वार? S-400 के आगे फुस्स

पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसने देश में ही विकसित फतह-II मिसाइल सिस्टम का सफलतापूर्वक 'ट्रेनिंग लॉन्च' कर लिया है। यह सिस्टम पाकिस्तान की आर्टिलरी और लंबी दूरी की स्ट्राइक क्षमता को बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। सेना के बयान के अनुसार, यह मिसाइल सिस्टम एडवांस एवियोनिक्स और अत्याधुनिक नेविगेशन प्रणाली से लैस है। इस मिसाइल के लॉन्चिंग ऑपरेशन को पाकिस्तानी सेना की 'आर्मी रॉकेट फोर्स' द्वारा अंजाम दिया गया।

फतेह-II मिसाइल की मारक क्षमता

पाकिस्तानी सेना का दावा है कि फतेह-II मिसाइल की मारक क्षमता 400 किलोमीटर तक है। यह अपने पिछले संस्करण, फतेह-I (जिसकी रेंज महज 140 किलोमीटर थी), के मुकाबले एक बहुत बड़ा तकनीकी अपग्रेड है। 400 किलोमीटर की इस रेंज का सीधा मतलब है कि यह सीमा पार भारत के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों, रडार सिस्टम और एयरबेस को निशाना बनाने की नीयत से तैयार की गई है।

फतेह-II की प्रमुख खासियतें

इस सिस्टम में अत्याधुनिक एवियोनिक्स और सैटेलाइट के साथ-साथ इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है। इसका 'सर्कुलर प्रोबेबल एरर' (CEP) 10 मीटर से भी कम बताया गया है, जिसका अर्थ है कि यह अपने लक्ष्य के 10 मीटर के दायरे में बिल्कुल सटीक हमला कर सकती है।

रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मिसाइल की सबसे खतरनाक बात इसकी 'फ्लैट ट्रैजेक्टरी' यानी सीधी उड़ान है। पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलें आसमान में बहुत ऊंचाई तक जाती हैं, जिससे रडार उन्हें आसानी से पकड़ लेते हैं। लेकिन फतेह-II जमीन के अपेक्षाकृत करीब और सीधी उड़ान भरती है, जिससे इसे शुरुआती चरण में रडार पर डिटेक्ट करना मुश्किल होता है। यह एक 8-व्हील ड्राइव ट्रक पर तैनात किया जाने वाला मल्टी-लॉन्च रॉकेट सिस्टम है। इसे अत्यधिक मोबाइल बनाया गया है ताकि लॉन्च के तुरंत बाद इसे दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सके।

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फतह सीरीज का पिछला रिकॉर्ड

फतह सीरीज के तहत पाकिस्तान इससे पहले भी कई परीक्षण कर चुका है। सितंबर 2025 में पाकिस्तानी सेना ने फतह-4 क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। इस मिसाइल की मारक क्षमता 750 किलोमीटर है। जब भारत के साथ सीमा पर तनाव की स्थिति थी, तब पाकिस्तान ने इसी सीरीज के तहत 120 किलोमीटर की रेंज वाली 'सतह से सतह' पर मार करने वाली एक अन्य मिसाइल का परीक्षण किया था।

खुद से मिसाइल बनाने का दावा कितना सच?

पाकिस्तान का दावा है कि ये मिसाइल उसने खुद से बनाई है। हालांकि जानकारों का मानना है है यह पूरी तरह से 100% पाकिस्तानी डिजाइन नहीं है। इसमें चीनी तकनीक और सहायता का काफी हाथ है। Fateh सीरीज को चीनी A-100 (या उसके वेरिएंट्स जैसे WS सीरीज) का विकसित/स्थानीय रूप माना जाता है। पाकिस्तान पहले से A-100 सिस्टम का इस्तेमाल करता है और उसे लाइसेंस के तहत लोकल प्रोडक्शन भी करता है। Fateh-I और Fateh-II में रॉकेट डिजाइन, प्रोपल्शन और कुछ कंपोनेंट्स चीनी मूल के लगते हैं।

भारत का 'सुदर्शन चक्र' करेगा फतेह का खात्मा

पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि फतेह-II का असली मकसद भारत के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देना है। उनकी रणनीति यह है कि 'सैचुरेशन अटैक' यानी एक साथ कई रॉकेट दागकर S-400 को व्यस्त कर दिया जाए। हालांकि, सामरिक और तकनीकी धरातल पर भारत का S-400 'ट्राइंफ' दुनिया का सबसे घातक और अभेद्य रक्षा कवच है, जो फतेह-II जैसे खतरों को हवा में ही खाक करने में पूरी तरह सक्षम है।

विशाल ट्रैकिंग और इंगेजमेंट क्षमता

S-400 सिस्टम कोई साधारण रडार नहीं है। इसका एडवांस्ड रडार सिस्टम एक साथ 300 से अधिक लक्ष्यों (टारगेट) को ट्रैक कर सकता है और एक ही समय में 36 अलग-अलग टारगेट्स पर मिसाइलें दाग सकता है। ऐसे में अगर पाकिस्तान फतेह-II से मल्टीपल रॉकेट भी दागता है, तो S-400 का शक्तिशाली कंप्यूटर तुरंत उन सभी रॉकेट्स की पहचान कर लेगा और उन्हें एक साथ नष्ट कर देगा।

लेयर्ड डिफेंस (चार मिसाइलों का सुरक्षा चक्र)

S-400 की सबसे बड़ी ताकत इसकी 'लेयर्ड डिफेंस' प्रणाली है। इसमें खतरे की दूरी के हिसाब से 4 अलग-अलग तरह की इंटरसेप्टर मिसाइलें होती हैं।

  • 400 किमी रेंज वाली मिसाइल
  • 250 किमी रेंज वाली मिसाइल
  • 120 किमी रेंज वाली मिसाइल
  • 40 किमी रेंज वाली मिसाइल

जैसे ही फतेह-II 400 किलोमीटर की परिधि में प्रवेश करेगी, S-400 उसे उसकी गति और ट्रैजेक्टरी के आधार पर सबसे उपयुक्त इंटरसेप्टर मिसाइल से हवा में ही राख कर देगा।

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'फ्लैट ट्रैजेक्टरी' का तोड़

पाकिस्तान भले ही फतेह-II की 'फ्लैट ट्रैजेक्टरी' को रडार से बचने का हथियार माने, लेकिन S-400 के रडार (जैसे 91N6E पैनोरमिक रडार) विशेष रूप से लो-फ्लाइंग (जमीन के करीब उड़ने वाले) क्रूज मिसाइलों, स्टील्थ जेट्स और गाइडेड रॉकेट्स को पकड़ने के लिए ही डिजाइन किए गए हैं। यह सिस्टम पेड़ों की ऊंचाई के ठीक ऊपर उड़ने वाले लक्ष्यों को भी ट्रैक कर सकता है। फतेह-II निस्संदेह पाकिस्तान की आर्टिलरी ताकत में एक इजाफा है, लेकिन जब बात भारत के वायु रक्षा क्षेत्र को भेदने की आती है, तो S-400 'सुदर्शन चक्र' की तकनीकी श्रेष्ठता, उसकी 400 किमी की मारक क्षमता और मल्टी-टारगेट ट्रैकिंग के सामने यह गाइडेड रॉकेट सिस्टम पूरी तरह से बेअसर साबित होगा।

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