Pakistan Railways on brink of collapse amid severe financial crisis staff shortages पतन के कगार पर पाकिस्तान रेलवे, गंभीर वित्तीय संकट और कर्मचारियों की कमी है वजह, International Hindi News - Hindustan
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पतन के कगार पर पाकिस्तान रेलवे, गंभीर वित्तीय संकट और कर्मचारियों की कमी है वजह

लाहौर डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अकेले इस क्षेत्र में स्वीकृत कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही काम चलाया जा रहा है।

Thu, 23 April 2026 04:37 PMMadan Tiwari एएनआई, इस्लामाबाद
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पतन के कगार पर पाकिस्तान रेलवे, गंभीर वित्तीय संकट और कर्मचारियों की कमी है वजह

पाकिस्तान रेलवे एक बढ़ते संकट से जूझ रहा है, जिसकी मुख्य वजहें गंभीर वित्तीय संकट, कर्मचारियों की कमी और काम-काज में अक्षमता हैं। इस वजह से अधिकारियों को यात्री और मालगाड़ी सेवाओं को बेहद खराब हालात में चलाना पड़ रहा है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, बिगड़ती स्थिति न केवल सेवाओं में रुकावट डाल रही है, बल्कि यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर रही है। डॉन के मुताबिक, संसाधनों की कमी के कारण रखरखाव और संचालन में खतरनाक हद तक समझौता किया जा रहा है। अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि फंड की कमी के चलते लोकोमोटिव, कोच, वैगन और रेलवे ट्रैक जैसी अहम संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।

कई आंतरिक बैठकों में इस मुद्दे की गंभीरता को उजागर किया गया है, जिसमें अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी प्रभावी ढंग से न निभा पाने पर निराशा व्यक्त की है। लाहौर डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अकेले इस क्षेत्र में स्वीकृत कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही काम चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 500,000 PKR जैसी छोटी-मोटी वित्तीय मंज़ूरियों के लिए भी मुख्यालय में लंबी-चौड़ी कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता है, जिससे समय पर काम करने में भारी रुकावट आती है। इन चुनौतियों के बावजूद, रेलवे कर्मचारी काम-काज को जारी रखने के लिए भारी दबाव में काम करते रहते हैं।

यह संकट, जिसकी जड़ें लंबे समय से ढांचागत और वित्तीय कमजोरियों में हैं, पिछले छह-सात सालों में और गहरा गया है, और 2026 में यह एक नाज़ुक मोड़ पर पहुंच गया है। यहां तक कि निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी को भी काम-काज बनाए रखने और समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जो संस्थागत तनाव की गंभीरता को दर्शाता है। अस्थायी समाधान अब आम बात हो गई है।

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