न गेहूं... न यूरिया, ईरान युद्ध के बीच ईंधन संकट में डूबा पाकिस्तान; अनफ्रीज होंगी तेल की कीमतें?
पश्चिम एशिया के संघर्ष के गंभीर परिणाम पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते सरकार कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर लगी मूल्य पाबंदी हटाने (अनफ्रीज) पर गंभीरता से विचार कर रही है।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में पाकिस्तान बिचौलिया का निभा रहा है, ताकि जल्द से जल्द संघर्ष समाप्त हो सके। दूसरी ओर पश्चिम एशिया के इस संघर्ष के गंभीर परिणाम पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहे हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते सरकार कुछ पेट्रोलियम उत्पादों पर लगी मूल्य पाबंदी हटाने (अनफ्रीज) पर गंभीरता से विचार कर रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि उनका देश ईरान और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण वार्ता की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लिखा कि दोनों पक्षों की सहमति से पाकिस्तान सम्मान के साथ मेजबानी करने और सार्थक व निर्णायक बातचीत की सुविधा प्रदान करने को तैयार है।
दरअसल, पूरी दुनिया दोनों देशों तथा अमेरिका समर्थित इजरायल के बीच तनाव कम होने के संकेतों की तलाश में है, लेकिन पाकिस्तान के लिए इस युद्ध का जल्द समाप्त होना अत्यंत जरूरी है। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार शम्स केरियो ने समाचार एजेंसी एएनआई बात करते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरान-अमेरिका के बीच बातचीत फलदायी नहीं हुई, तो पेट्रोल की कीमतों में और उछाल आएगा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा और गरीब तबका 'खाने-पीने में भी असमर्थ' हो जाएगा।
बातचीत में केरियो ने आगे कहा कि कृषि क्षेत्र की हालत बहुत खराब है। डीएपी या यूरिया खरीदना मुश्किल हो गया है। न गेहूं, न कपास, न गन्ना... पेट्रोल महंगा होने से गरीबी बढ़ेगी और पाकिस्तान इतनी बुरी स्थिति में पहुंच जाएगा कि उसे दोबारा संभलने में 50 साल लग सकते हैं।
पाकिस्तान ईंधन मूल्यों को करेगा अनफ्रीज?
स्थानीय समाचार पत्र 'डॉन' की रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पाकिस्तान में जेट ईंधन (जेपी-1) और केरोसिन की कीमतें बिना औपचारिक घोषणा के तेजी से बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जेट ईंधन की कीमत में 84 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह 388 रुपये से बढ़कर 472 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यह बढ़ोतरी 21 मार्च से प्रभावी हुई। मार्च की शुरुआत से अब तक जेट ईंधन की कीमत में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।
इसी तरह, केरोसिन की कीमत में एक सप्ताह में 71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह 358 रुपये से बढ़कर 429 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। हालांकि, पिछले सप्ताह पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई। शहबाज शरीफ सरकार ने दोनों ईंधनों की कीमतों में शुरुआती 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद उन्हें स्थिर रखने का फैसला किया था। मूल्य संशोधन के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार ने करीब 69 अरब रुपये की सब्सिडी भी आवंटित की है।
वहीं इसी रिपोर्ट में अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह रोक लंबे समय तक नहीं टिक सकती। दो आईएमएफ कार्यक्रमों की समीक्षा दो सप्ताह से अधिक समय से लंबित है। एक अधिकारी ने कहा कि आप मुद्रास्फीति को कृत्रिम रूप से लंबे समय तक टाल नहीं सकते। जितनी देरी करेंगे, भविष्य में उतना ही अधिक कष्टदायक समायोजन करना पड़ेगा।
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