बलूच विद्रोहियों ने जमकर मचाया तांडव, अब तक 250 से ज्यादा मौतें; हिल गई पाकिस्तानी सेना
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में अलगाववादियों के भीषण हमलों और सेना की जवाबी कार्रवाई में 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। BLA की हिंसा और सुरक्षा बलों के सैन्य ऑपरेशन की पूरी रिपोर्ट यहां विस्तार से पढ़ें।

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान से खून-खराबे की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। पिछले शनिवार से विद्रोहियों द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमलों और उसके बाद सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में अब तक 250 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि शनिवार से शुरू हुई इस हिंसा में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
अधिकारी ने दावा किया कि जवाबी सैन्य कार्रवाई में अब तक 197 'आतंकी' ढेर किए जा चुके हैं। वहीं इन हमलों में कम से कम 36 आम नागरिकों की जान गई है। पाक अधिकारी के मुताबिक, देश की रक्षा करते हुए 22 सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए हैं।
विद्रोही संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। विद्रोहियों ने पूरे प्रांत में एक साथ मिलकर कई ठिकानों को निशाना बनाया। उन्होंने बैंकों, जेलों और पुलिस स्टेशनों पर धावा बोला। सैन्य प्रतिष्ठानों और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों पर बंदूक और आत्मघाती हमले किए गए। हथियारबंद लड़ाकों ने सड़कों को जाम किया और बाहर से आए श्रमिकों (गैर-स्थानीय लोगों) को निशाना बनाया।
हिल गई पाकिस्तानी सेना
बलूचिस्तान में बड़े पैमाने पर हमलों ने पूरे पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया है। जनवरी के अंत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ऑपरेशन हेरोफ के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान प्रांत के कई जिलों में समन्वित हमले किए। हमले 31 जनवरी को शुरुआत हुए, जो कई शहरों जैसे क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी आदि में फैल गए। रिपोर्ट्स के अनुसार 12 से 48 तक अलग-अलग लोकेशनों पर एक साथ हमले किए गए, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग और गन अटैक शामिल थे। BLA ने जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी सेना, पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसियों और काउंटर-टेररिज्म यूनिट्स के 200 से ज्यादा जवानों को मार गिराया, साथ ही 18 को बंधक बनाया। उन्होंने इसे कब्जा करने वाली ताकतों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताया।
सरकार और सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने क्वेटा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि प्रभावित जिलों को 'आतंकियों' से मुक्त करा लिया गया है, लेकिन आतंकियों के सफाए के लिए सेना का ऑपरेशन अभी भी जारी है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा- हम उनका पीछा कर रहे हैं और उन्हें इतनी आसानी से नहीं छोड़ेंगे।
हमलों के पीछे का मुख्य कारण
बलूचिस्तान दशकों से अलगाववादी विद्रोह का सामना कर रहा है। BLA जैसे संगठन इस खनिज संपन्न क्षेत्र में बाहरी हस्तक्षेप और संसाधनों के दोहन का विरोध करते हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अन्य प्रांतों से आए मजदूरों और कामगारों पर हमले तेज कर दिए हैं। विदेशी ऊर्जा कंपनियों और चीनी निवेश परियोजनाओं को निशाना बनाया है। पिछले साल एक ट्रेन पर हमला किया था जिसमें 450 यात्री सवार थे, जिसके बाद दो दिनों तक खूनी संघर्ष चला था। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इन्हें जघन्य और कायरतापूर्ण करार दिया है। अमेरिका ने भी BLA को पहले ही एक आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।
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