North Korean dictator Kim Jong Un has a new friend a friendship agreement with Belarus ईरान की जंग के बीच दोस्त बनाने में जुटा तानाशाह किम जोंग, यूरोप के इस देश के साथ संधि, International Hindi News - Hindustan
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ईरान की जंग के बीच दोस्त बनाने में जुटा तानाशाह किम जोंग, यूरोप के इस देश के साथ संधि

उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने बेलारूस के साथ मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दोनों देशों की दोस्ती को आगे  बढ़ाने पर सहमति जताई। यह समझौता पुतिन के दो करीबी सहयोगी देशों के बीच बढ़ते संबंधों को प्रदर्शित करता है।

Thu, 26 March 2026 04:05 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान की जंग के बीच दोस्त बनाने में जुटा तानाशाह किम जोंग, यूरोप के इस देश के साथ संधि

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन अब वैश्विक स्तर पर मित्र देशों की संख्या बढ़ाने में लगे हुए हैं। रूस और चीन के करीबी माने जाने वाले उत्तर कोरिया ने अब यूरोपी देश बेलारूस के साथ मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संधि का मुख्य उद्देश्य रूस के राष्ट्रपति पुतिन के दो करीबी सहयोगी देशों के बीच के संबंधों को और भी ज्यादा मजबूत करना हैय़

बेलारूस की समाचार एजेंसी बेल्टा की रिपोर्ट के मुताबिक, बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशांको की यह पहली प्योंगयांग यात्रा है। उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने लुकाशेंको के लिए एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया। इसमें सफेद घोड़ों पर सवार सेना, झंडे लहराते बच्चे और 21 तोपों की सलामी शामिल थी। इसके बाद दोनों नेताओं ने एक मित्रता संधि पर हस्ताक्षर किए और दोस्ती को और गहरा करने पर सहमति जताई।

बेलारूस की सरकार ने इस संधि को दोनों देशों के लिए खास बताया। वहीं, किम जोंग उन ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के कई मुद्दों पर एक समान विचार हैं। उन्होंने कहा, "हम बेलारूस पर पश्चिम के अनावश्यक दबाव का विरोध करते हैं। आपको बता दें, लुकाशेंको को रूस का करीबी माना जाता है। यूक्रेन युद्ध के दौरान भी वह रूस का खुलकर समर्थन करने हुए नजर आए थे। इसकी वजह से अमेरिका समेत यूरोप के कई देशों ने बेलारूस पर प्रतिबंध लगा दिए थे।

गौरतलब है कि लुकाशेंको की प्योंगयांग यात्रा उनके उस कूटनीतिक संतुलन को दिखाती है, जिसमें वे रूस के मित्र और पश्चिम विरोधी देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहे हैं, जबकि साथ ही अमेरिका के साथ रिश्ते सामान्य करने की कोशिश भी कर रहे हैं। उनकी यह यात्रा पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दूत जॉन कोहेल से मुलाकात और 250 राजनीतिक कैदियों की रिहाई के बाद हुई, जिसके बदले में अमेरिका ने बेलारूस पर लगे प्रतिबंधों में और ढील दी।

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