NASA Dead Satellite Relay 2 Mysterious Signal Stuns Scientists with Blinding Brightness in Space NASA के खराब हो चुके सैटेलाइट ने भेजा रहस्यमयी सिग्नल, अंतरिक्ष में इतना चमका वैज्ञानिक भी हैरान, International Hindi News - Hindustan
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NASA के खराब हो चुके सैटेलाइट ने भेजा रहस्यमयी सिग्नल, अंतरिक्ष में इतना चमका वैज्ञानिक भी हैरान

नासा के 60 साल पुराने निष्क्रिय पड़े सैटेलाइट रिले-2 ने ऐसा रहस्यमयी रेडियो सिग्नल भेजा, जिससे अंतरिक्ष में इतनी तेज रोशनी निकली कि बाकी तारे भी धुंधला गए। इस घटना ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया है।

Sun, 22 June 2025 07:20 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान
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NASA के खराब हो चुके सैटेलाइट ने भेजा रहस्यमयी सिग्नल, अंतरिक्ष में इतना चमका वैज्ञानिक भी हैरान

वैज्ञानिकों को हाल ही में अंतरिक्ष से एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी रेडियो सिग्नल मिला, जिसने कुछ पल के लिए पूरे आकाश में मौजूद बाकी सभी वस्तुओं को पीछे छोड़ दिया। सबसे हैरानी की बात यह थी कि यह सिग्नल Relay 2 नामक एक सैटेलाइट से आया, जिसे NASA ने 1964 में लॉन्च किया था और जो करीब 6 दशकों से पूरी तरह निष्क्रिय पड़ा है।

क्या है Relay 2?

Relay 2, नासा का एक प्रायोगिक कम्युनिकेशन सैटेलाइट था, जिसे Relay प्रोग्राम के तहत लॉन्च किया गया था। यह 1964 में अंतरिक्ष में भेजा गया था। 1965 में इसका उपयोग बंद कर दिया गया और 1967 तक इसके सभी तकनीकी उपकरण पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके थे।

कैसे मिला रहस्यमयी सिग्नल?

पिछले साल 13 जून को ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने ऑस्ट्रेलिया का स्क्वेयर किलोमीटर एरे पाथफाइंडर टेलीस्कोप (ASKAP) से एक तेज और बेहद छोटा रेडियो फ्लैश रिकॉर्ड किया — जो 30 नैनोसेकंड से भी कम समय के लिए था। कर्टिन यूनिवर्सिटी के क्लैंसी जेम्स और उनकी टीम ने शुरू में सोचा कि यह कोई नया पल्सर (पल्स देने वाला तारा) या कोई अन्य खगोलीय वस्तु हो सकती है। लेकिन बाद में सिग्नल के स्रोत का विश्लेषण करने पर पाया गया कि यह Relay 2 सैटेलाइट से आया था, जो पृथ्वी से लगभग 20000 किलोमीटर दूर स्थित था।

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क्या किसी खतरे का संकेत

Relay 2 दशकों से मृत पड़ा है, ऐसे में वैज्ञानिकों ने संभावना जताई कि यह सिग्नल कोई बाहरी प्रभाव हो सकता है — जैसे कि इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज या माइक्रोमीटियोराइट के टकराव से उत्पन्न प्लाज़्मा डिस्चार्ज। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर कैरेन एपलिन के अनुसार, "घटना यह दिखा सकती है कि कैसे स्पेस डेब्रिस और छोटे सैटेलाइट्स पर इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज से जुड़े खतरे मौजूद हैं और इसे मापने का एक नया तरीका मिल सकता है।"

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