Latin American leaders call for unity against growing political polarisation amid donald trump attack on venezuela डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एकजुट होंगे लैटिन अमेरिकी देश, अमेरिका की धौंस पर भड़के लूला, International Hindi News - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एकजुट होंगे लैटिन अमेरिकी देश, अमेरिका की धौंस पर भड़के लूला

लूला ने कहा है कि यह संगठन हमारे क्षेत्र को प्रभावित करने वाले अवैध सैन्य हस्तक्षेपों के खिलाफ एक भी बयान जारी नहीं कर पाया है।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम क्षेत्रीय एकजुटता के मामले में सबसे बुरे दौर में से एक का सामना कर रहे हैं।’’

Thu, 29 Jan 2026 10:53 AMJagriti Kumari एपी, पनामा सिटी
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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एकजुट होंगे लैटिन अमेरिकी देश, अमेरिका की धौंस पर भड़के लूला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला पर की गई हालिया कार्रवाई के बाद लैटिन अमेरिकी देशों ने एकजुटता दिखाई है। बुधवार को महाद्वीप के कई देशों ने एक बैठक का आयोजन किया। यहां ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा है कि वेनेजुएला पर की गई कार्रवाई अवैध थी और सभी देशों को मिलकर इसका विरोध करना चाहिए।

बुधवार को इन देशों के नेता ‘डेवलपमेंट बैंक ऑफ लैटिन अमेरिकन और कैरेबियन’ (सीएएफ) द्वारा पनामा सिटी में एक आर्थिक मंच में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। इस दौरान लातिन अमेरिकी देशों के नेताओं ने बढ़ते राजनीतिक ध्रुवीकरण पर भी बात की।

लूला डी सिल्वा ने सीधे तौर पर अमेरिका का नाम तो नहीं लिया, लेकिन देश की हालिया कार्रवाइयों और उनसे पैदा हुए राजनीतिक विभाजन की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं कारणों से ‘कम्यूनिस्टी ऑफ लैटिन अमेरिकन और कैरेबियन स्टेट्स’ (सीईएलएसी) में गतिरोध पैदा हो गया है। सीईएलएसी क्षेत्र की सभी सरकारों को एक साथ लाने वाला एकमात्र संगठन है।

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लूला ने कहा, ‘‘यह संगठन हमारे क्षेत्र को प्रभावित करने वाले अवैध सैन्य हस्तक्षेपों के खिलाफ एक भी बयान जारी नहीं कर पाया है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘हम क्षेत्रीय एकजुटता के मामले में सबसे बुरे दौर में से एक का सामना कर रहे हैं।’’

अमेरिका में चल रहा मादुरो पर मुकदमा

वहीं कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने अधिक स्पष्ट रुख अपनाते हुए काराकास पर ‘बमबारी’ की आलोचना की और कहा कि वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर या तो उनके अपने देश में या फिर किसी क्षेत्रीय न्यायिक संस्था में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। बता दें कि बीते 3 जनवरी को अमेरिका ने सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोर्स को राष्ट्रपति परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया था। उन दोनों को अमेरिका ले जाकर उन पर मुकदमा चलाया जा रहा है।

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