बातचीत का ऑफर देते रह गए ट्रंप, उधर किम जोंग ने दिखाया 'दुनिया का सबसे पावरफुल हथियार'
किम जोंग उन ने प्योंगयांग में 50 नए 600mm रॉकेट लॉन्चरों का प्रदर्शन किया है। जानें कैसे ये हथियार बैलिस्टिक मिसाइल के समान घातक हैं और आगामी पार्टी कांग्रेस में उत्तर कोरिया का अगला 5 साल का प्लान क्या होगा।

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर दुनिया को अपनी सैन्य ताकत का अहसास दिलाने की कोशिश की है। उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दर्जनों नए रॉकेट लॉन्चरों का प्रदर्शन किया है, जिन्हें एक 'रणनीतिक मिशन' के लिए तैयार किया गया है। यह शक्ति प्रदर्शन आगामी दिनों में होने वाली सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की महत्वपूर्ण कांग्रेस (सम्मेलन) से ठीक पहले किया गया है। इस सम्मेलन में अगले पांच वर्षों के लिए देश का मुख्य नीतिगत एजेंडा तय किया जाएगा।
हथियारों का प्रदर्शन और किम जोंग उन का संबोधन
उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी (KCNA) के अनुसार, देश के सैन्य उद्योग ने वर्कर्स पार्टी की नौवीं कांग्रेस के अवसर पर 50 नए 600mm कैलिबर वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर भेंट किए हैं। इन हथियारों को उत्तर कोरिया के रणनीतिक मिशन यानी परमाणु क्षमता के लिए तैयार किया गया है।
दुनिया का सबसे शक्तिशाली हथियार
बुधवार को प्योंगयांग में आयोजित एक समारोह के दौरान किम जोंग उन ने इन हथियारों को दुनिया का सबसे शक्तिशाली फोकस्ड स्ट्राइक वेपन बताया। किम ने दावा किया कि भले ही यह एक मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम है, लेकिन सटीकता और विनाशकारी शक्ति के मामले में यह एक सटीक बैलिस्टिक मिसाइल के समान है। सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में किम जोंग उन काली चमड़े की जैकेट पहने एक मोबाइल लॉन्चर की ड्राइविंग सीट पर मुस्कुराते हुए दिखाई दिए।

भविष्य की रणनीति पर नजर
यह सम्मेलन पांच वर्षों में पहली बार आयोजित हो रहा है, जिसके लिए प्रतिनिधि प्योंगयांग पहुंच चुके हैं। फरवरी के अंत में होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है क्योंकि किम जोंग उन ने पिछले महीने संकेत दिया था कि वह इस बैठक में देश की परमाणु युद्ध निवारक क्षमता को और मजबूत करने की अगली योजना स्पष्ट करेंगे।
बैठक में अगले पांच वर्षों के लिए एक नई आर्थिक योजना बनाई जाएगी। 2021 के पिछले सम्मेलन में किम ने स्वीकार किया था कि देश अपने आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल रहा है। इस दौरान पार्टी के नेतृत्व ढांचे में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं।
बदल गए हैं वैश्विक समीकरण
किम जोंग उन इस बार एक अलग वैश्विक स्थिति में इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। अब वे रूस-यूक्रेन युद्ध में व्लादिमीर पुतिन के एक प्रमुख सहयोगी के रूप में उभरे हैं। बीजिंग में एक सैन्य परेड के दौरान पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ खड़े होकर किम ने अपनी छवि एक अलग-थलग पड़े नेता से बदलकर एक ग्लोबल प्लेयर के रूप में स्थापित की है। यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद करके किम ने खुद को एक 'ग्लोबल प्लेयर' के रूप में स्थापित कर लिया है।
जहां एक ओर डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से बातचीत की इच्छा जताई है, वहीं उत्तर कोरिया का रुख सख्त है। प्योंगयांग का कहना है कि जब तक अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग नहीं छोड़ता, तब तक कोई संवाद संभव नहीं है।
वहीं पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने जून में पदभार संभालने के बाद से उत्तर-दक्षिण संबंधों को सुधारने के कई प्रयास किए हैं। सियोल ने हाल ही में दक्षिण कोरियाई नागरिकों द्वारा उत्तर कोरिया में किए गए ड्रोन घुसपैठ पर खेद व्यक्त किया है। किम जोंग उन की बहन, किम यो जोंग ने इस कबूलनामे की सराहना करते हुए एक दुर्लभ सुलहकारी लहजा अपनाया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर कोरिया अपनी दक्षिणी सीमा पर सतर्कता और निगरानी बनाए रखेगा।
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