Kheibar Shekan cruise missiles connection with Prophet iran strong message after big strike in israel पैगंबर मोहम्मद का 'खैबर' से गहरा कनेक्शन, मिसाइल अटैक से ईरान का इजरायल को क्या मैसेज, International Hindi News - Hindustan
More

पैगंबर मोहम्मद का 'खैबर' से गहरा कनेक्शन, मिसाइल अटैक से ईरान का इजरायल को क्या मैसेज

इजरायली शहरों में तबाही मचाने वाली ईरान की 'खैबर शेकन’ मिसाइल का नाम उस ऐतिहासिक जंग की याद दिलाता है, जब पैगंबर मोहम्मद की सेना ने खैबर के किलों को फतह किया था। यह इस्लामी इतिहास में यहूदियों पर बड़ी जीत थी।

Mon, 23 June 2025 07:55 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान
share
पैगंबर मोहम्मद का 'खैबर' से गहरा कनेक्शन, मिसाइल अटैक से ईरान का इजरायल को क्या मैसेज

ईरान-इजरायल युद्ध के बीच अमेरिका द्वारा ईरानी परमाणु ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3' के तहत 20वें और 21वें मिसाइल और ड्रोन हमले में इजरायली शहरों को दहलाया। इस बार ईरान ने ‘खैबर शेकन’ नामक शक्तिशाली मिसाइल का इस्तेमाल किया, जिसने इजरायल की अत्याधुनिक 'आयरन डोम' वायु रक्षा प्रणाली को भेद दिया।

यह नाम सीधे तौर पर इस्लामी इतिहास की प्रसिद्ध ‘खैबर की लड़ाई’ से जुड़ा है, जिसे पैगंबर मोहम्मद के नेतृत्व में यहूदियों के खिलाफ लड़ा गया था। इस नाम को जानबूझकर चुनकर ईरान ने इजरायल को धार्मिक और गहरा मैसेज दिया है।

'खैबर शेकन' से इजरायली शहरों में तबाही

ईरान ने रविवार देर रात ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 3’ के तहत 20वीं बार इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रही –'खैबर शेकन' मिसाइल की। इसकी मारक क्षमता, गति और सटीकता ने इज़रायल की आयरन डोम डिफेंस सिस्टम को भी चकमा दे दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिसाइल से तेल अवीव के रमात गन जिले में 9 इमारतें ध्वस्त हो गईं। हाइफ़ा और आसपास के इलाकों में भी धमाके हुए।

'खैबर' का इस्लामिक कनेक्शन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहासकार प्रो. अली नदीम रज़ावी के मुताबिक, “629 ईस्वी में पैगंबर मोहम्मद की सेना और यहूदियों के बीच 'खैबर की लड़ाई' हुई थी। इमाम अली ने यहूदी सेनापति मरहब को ‘जुल्फिकार’ तलवार से हराया था और खैबर का किला फतेह किया था।” इस घटना को इस्लाम के यहूदियों पर सबसे बड़ी जीत के रूप में याद किया जाता है। ईरान ने इसी लड़ाई के नाम पर मिसाइल बनाकर इज़राइल को एक ऐतिहासिक और धार्मिक जवाब देने की कोशिश की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान-इजरायल जंग में US की एंट्री के बाद चीन में HQ-29 की क्यों चर्चा, क्या है ये
ये भी पढ़ें:US पर हमले की तैयारी में ईरानी स्लीपर सेल, कनाडा ने हरा किया भारत का जख्म; टॉप-5
ये भी पढ़ें:US पर अटैक को तैयार बैठे हैं ईरानी स्लीपर सेल, G7 समिट में ट्रंप को मिली थी धमकी

ख़ामेनेई का भी खैबर संदर्भ

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली ख़ामेनेई ने युद्ध के पांचवें दिन एक पोस्ट में इमाम अली और जुल्फिकार की तस्वीर पोस्ट की। यह स्पष्ट संकेत है कि ईरान इस युद्ध को धार्मिक और ऐतिहासिक विजन से भी देख रहा है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।