Japan will host summit with South Korea amid deteriorating relations between Tokyo and Beijing चीन की चुनौती और उत्तर कोरिया की धमकी के बीच बड़ी बैठक; जापान का प्लान क्या है?, International Hindi News - Hindustan
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चीन की चुनौती और उत्तर कोरिया की धमकी के बीच बड़ी बैठक; जापान का प्लान क्या है?

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि मौजूदा रणनीतिक स्थिति में जापान-दक्षिण कोरिया संबंध मजबूत करना और जापान-अमेरिका-दक्षिण कोरिया त्रिपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।

Mon, 12 Jan 2026 03:44 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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चीन की चुनौती और उत्तर कोरिया की धमकी के बीच बड़ी बैठक; जापान का प्लान क्या है?

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची मंगलवार को अपने गृहनगर नारा में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग की मेजबानी करेंगी। यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत, स्थिर और भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से हो रहा है। एशिया में चीन की बढ़ती शक्ति और क्षेत्रीय तनावों के बीच यह बैठक दोनों पूर्व प्रतिद्वंद्वी देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, एक सप्ताह पहले राष्ट्रपति ली ने चीन का दौरा किया था, जहां राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सियोल के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की। यह दौरा जापान-चीन के बीच चल रहे तनाव के बीच हुआ, जब नवंबर में ताकाइची ने कहा था कि ताइवान के खिलाफ संभावित चीनी सैन्य कार्रवाई जापान के हस्तक्षेप को उचित ठहरा सकती है।

ली की यह यात्रा वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो के अमेरिका द्वारा गिरफ्तार होने के बाद हो रही है, जो जापान और दक्षिण कोरिया दोनों का साझा सहयोगी है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात नारा में होगी, जो ताकाइची का गृहनगर है और ऐतिहासिक रूप से कोरिया-जापान सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक है। जापानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, ताकाइची के पदभार ग्रहण के बाद यह उनकी पहली पूर्ण द्विपक्षीय शिखर बैठक है और तीन महीने से कम समय में तीसरी मुलाकात है। अक्टूबर में दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में एपेक शिखर सम्मेलन के दौरान ली ने नारा में मिलने का अनुरोध किया था। बैठक में व्यापार, चीन की चुनौतियां, उत्तर कोरिया की धमकियां और क्षेत्रीय सुरक्षा पर फोकस रहेगा।

विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने कहा कि मौजूदा रणनीतिक स्थिति में जापान-दक्षिण कोरिया संबंध मजबूत करना और जापान-अमेरिका-दक्षिण कोरिया त्रिपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है। दोनों सरकारें संबंधों को स्थिर और भविष्योन्मुखी बनाने के लिए निकट संवाद पर सहमत हैं।

बताया जा रहा है कि बुधवार को ताकाइची और ली होरियू-जी मंदिर का दौरा करेंगे, जो 7वीं शताब्दी के अंत या 8वीं शताब्दी की शुरुआत की वास्तुकला वाला है। यह दुनिया की सबसे पुरानी जीवित लकड़ी की संरचनाओं में से एक है और कोरियाई प्रायद्वीप (खासकर बैकजे साम्राज्य) के माध्यम से जापान में बौद्ध धर्म के प्रसार को दर्शाता है। ली दोपहर में वापसी से पहले जापान में रहने वाले दक्षिण कोरियाई समुदाय से भी मिलेंगे।

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