अमेरिका मांगे सीजफायर! 'बहुत' से 'कुछ' पर आए ट्रंप, ईरान मुद्दे पर वेंस को किया आगे
Iran War Breaking: ईरान के साथ चल रहे युद्ध को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। अमेरिका अब किसी भी कीमत पर इस संघर्ष को समाप्त करने के इच्छुक दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस जंग को सुलझाने का जिम्मा सौंपा है।

ईरान के साथ चल रहे युद्ध को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। अमेरिका अब किसी भी कीमत पर इस संघर्ष को समाप्त करने के इच्छुक दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इस जंग को सुलझाने का जिम्मा सौंपा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक सूत्र ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देश पर उपराष्ट्रपति वेंस ने निजी तौर पर संकेत दिया है कि अमेरिका युद्धविराम के लिए तैयार है, बशर्ते ईरान कुछ प्रमुख मांगें पूरी करे। इन मांगों में होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोलना शामिल है। इससे साफ है कि ट्रंप अब 'बहुत' से 'कुछ' पर आ गए हैं और हर हाल में सीजफायर करना चाहते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के मध्यस्थों से ईरान संघर्ष पर विस्तृत बातचीत की। यह बातचीत इस बात का संकेत है कि संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों में वेंस की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। ट्रंप के निर्देश पर वेंस ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम तभी संभव है जब अमेरिका की शर्तें, खासकर होर्मुज स्ट्रेट का फिर से खुलना पूरी हों। सूत्रों ने बताया कि वेंस ने एक कठोर संदेश भी दिया। इसमें चेतावनी दी गई कि अगर तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं हुआ तो ईरानी बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी दबाव और बढ़ाया जाएगा। बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि 'नए ईरानी शासन' के राष्ट्रपति ने उनसे संघर्षविराम की मांग की है। बघेई ने बुधवार को कहा कि ट्रंप का यह दावा झूठा और बेबुनियाद है कि ईरान ने संघर्षविराम की गुज़ारिश की है। गौरतलब है कि ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के 'नए शासन' के राष्ट्रपति ने उनसे संघर्ष विराम की मांग की है।
दरअसल, ट्रंप ने कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य खुलता है तो वह इस पर विचार करेंगे, वरना वह ईरान पर बम बरसाना जारी रखेंगे। ट्रंप ने अपने संदेश में यह स्पष्ट नहीं किया कि उनको किनसे संघर्ष विराम का अनुरोध मिला है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुई अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई से पहले और बाद में मसूद पेजेश्कियान ही ईरान के राष्ट्रपति रहे हैं। ट्रंप इससे पहले भी ईरान के नेतृत्व के साथ वार्ता के दावे कर चुके हैं, हालांकि ईरान ने इन दावों को हमेशा खारिज किया है।
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