होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के लिए इस देश को मिली खुली छूट, ईरान बोला- हमारे भाई...
पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच ईरान ने पड़ोसी देश इराक को होर्मुज स्ट्रेट से निकलने के लिए खुली छूट दे दी है। ईरान की तरफ से कहा गया कि युद्ध में इराकी लोग लगातार तेहरान के पीछे खड़े हुए हैं। ऐसे में उनके ऊपर कोई भी प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। खाड़ी देशों को भी अपनी जरूरत के सामान मंगवाने के लिए लंबे रास्ते तय करने पड़ रहे हैं। इसी बीच शनिवार को ईरान ने होर्मुज के रास्ते इराक के लिए पूरी तरह से खोल दिए हैं। युद्ध के समय इराकियों द्वारा की जा रही मदद और समर्थन का धन्यवाद देते हुए आईआरजीसी ने कहा कि इराक समर्थक जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट पर लगे सभी प्रतिबंधों से छूट दी जा रही है।
IRGC के प्रवक्ता जनरल इब्राहिम जोल्फघारी ने इराकियों की तारीफ करते हुए कहा कि इस युद्ध के दौरान ईरान ने उनका समर्थन महसूस किया है। वह दिल, आंसू और पक्के संकल्प के साथ ईरान की जनता के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा, "अल्लाह के नाम से, जो सबसे बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है। इराक के महान मुस्लिम अरब लोगों... हमारे दोस्त और भाई... जंग के दौरान हम अकेले नहीं है। हमारे साथ आपका मजबूत समर्थन है।"
इराक को मिली छूट
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए इब्राहिम ने कहा,"हमारे साथ खुलकर भाईचारा निभाने वाला इराक, होर्मुज पर लगाए गए किसी भी प्रतिबंध से मुक्त रहेगा। इराक के जहाज यहां से बिना रोक-टोक आ-जा सकेंगे। होर्मुज पर लगे प्रतिबंध केवल दुश्मन देशों के लिए हैं। हम इराक की राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करते हैं।" गौरतलब है कि अभी तक किसी भी देश को होर्मुज से निकलने की खुली छूट नहीं मिली है। चीन, भारत और रूस जैसे देशों के जिन भी जहाजों को यहां से निकलने की इजाजत मिली है। वह कुछ शर्तों पर मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध के बाद खुली छूट प्राप्त करने वाला इराक पहला देश है।
इससे पहले इब्राहिम ने अमेरिका और इजरायल के ऊपर ईरान पर क्रूर हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हमारे देश ईरान की राष्ट्रीय और इस्लामी संप्रभुता पर क्रूर हमला किया गया है। इन कायरतापूर्ण और बर्बर हमलों में महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही स्कूलों, छात्रों, चिकित्सा केंद्रों और सार्वजनिक सेवा संस्थानों पर भी हमले किए गए।"
ट्रंप ने दी 48 घंटे की चेतावनी
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को 48 घंटे की चेतावनी याद दिलाई है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास 48 घंटे का समय है। अगर वह समझौता नहीं करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका और इजरायल ने एक बार फिर ईरान के बुशहर परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया है। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। एहतियात के तौर पर वहां से लोगों को निकाला गया है। दूसरी तरफ तेहरान ने अमेरिका के दो फाइटर जेट्स को मार गिराने का दावा किया है। इसमें से एक फाइटर पायलट के ईरान में ही होने की खबर है। अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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