ईरान युद्ध से पाकिस्तान में हाहाकार, पेट्रोल की कीमत में 55 रुपए की बढ़ोतरी
ईरान युद्ध का असर पाकिस्तान के ऊपर दिखने लगा है। पाक सरकार ने शुक्रवार को देश में पेट्रोल की कीमतों में ऐतिहासिक रूप से 55 रुपए की बढ़ोतरी की है। हालांकि, उन्होंने अपनी जनता को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि पाकिस्तान के पास पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम के भंडार हैं।
ईरान में जारी युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा होने लगा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान ने इसका असर सबसे पहले देखने को मिला। शहबाज सरकार ने पेट्रोल और 'हाई-स्पीड डीजल' की कीमत में प्रति लीटर 55 पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी की जो अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है। शुक्रवार रात पाकिस्तानी सरकार के मंत्रियों ने पेट्रोल की बढ़ी हुई कीमतों की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने अपनी जनता को यह भी भरोसा दिलाने की कोशिश की कि देश के पास पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम भंडार मौजूद हैं।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक शरीफ सरकार की तरफ से की गई इस बढ़ोतरी के बाद 'हाई-स्पीड डीजल' की डिपो पूर्व कीमत आने वाले सप्ताह के लिए 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तय की गई है, जो पहले 280.86 रुपये प्रति लीटर थी यानी लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसी तरह पेट्रोल की डिपो पूर्व कीमत 266.17 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 321.17 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जो लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है।
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ा है। पाकिस्तान की तेल आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट पर काफी हद तक निर्भर है, वर्तमान स्थिति की वजह से यह आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, "एक पड़ोसी देश में लगी आग अब पूरे क्षेत्र में फैल गयी है। हमें नहीं पता कि यह संकट कितने समय तक चलेगा और इसके खत्म होने की कोई स्पष्ट समयसीमा भी नही है। हालांकि पाकिस्तान की तेल आपूर्ति के लिए दो पोत वैकल्पिक मार्गों से आ रहे हैं।''
मंत्री ने बताया कि सरकार आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इसके साथ ही उन्होंने संकट की इस स्थिति में जमाखोरी या कृत्रिम कमी पैदा करने वालों को भी कड़ी चेतावनी दी है। मलिक ने कहा कि सरकार लगातार वैश्विक तेल बाजार के हिसाब से साप्ताहिक रूप से पेट्रोल की कीमतों की समीक्षा करेगी। जैसे ही अंतरराष्ट्रीय स्थिति सुधरेगी, हम उतनी ही तेजी से कीमतें भी कम कर दिया जाएगा।
इससे पहले पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसाक डार ने कहा कि इस संकट के कारण वैश्विक तेल कीमतों में 50 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, ''कई देशों में कीमतें स्वतः बढ़ जाती हैं लेकिन हमने उपभोक्ताओं पर न्यूनतम बोझ डालने और संतुलित समाधान निकालने की कोशिश की है।'' वित्त मंत्री औरंगजेब ने दोहराया कि फिलहाल पाकिस्तान के पास पेट्रोलियम का ''पर्याप्त'' भंडार मौजूद है और देश की आर्थिक स्थिति स्थिर है। हालांकि उन्होंने कहा कि नीति निर्माता स्थिति पर लगातार नजर रखेंगे।
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