Iran war Breaking IEA chief said world is facing biggest energy crisis know everything दुनिया पर मंडराया सबसे बड़ा ऊर्जा संकट; ईरान युद्ध के बीच बोले IEA प्रमुख- पहले कभी नहीं देखा, International Hindi News - Hindustan
More

दुनिया पर मंडराया सबसे बड़ा ऊर्जा संकट; ईरान युद्ध के बीच बोले IEA प्रमुख- पहले कभी नहीं देखा

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी से उत्पन्न तेल और गैस का मौजूदा संकट 1973, 1979 और 2002 के संकटों से कहीं अधिक गंभीर है। बिरोल की शब्दों में कहें तो 1973 से भी बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट है, और इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई।

Tue, 7 April 2026 03:40 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
share
दुनिया पर मंडराया सबसे बड़ा ऊर्जा संकट; ईरान युद्ध के बीच बोले IEA प्रमुख- पहले कभी नहीं देखा

पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी से उत्पन्न तेल और गैस का मौजूदा संकट 1973, 1979 और 2002 के संकटों से कहीं अधिक गंभीर है। बिरोल की शब्दों में कहें तो 1973 से भी बड़ा वैश्विक ऊर्जा संकट है, और इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी गई। फ्रांसीसी समाचार पत्र ले फिगारो से बात करते हुए बिरोल ने साफ-साफ कहा कि दुनिया ने ऊर्जा आपूर्ति में कभी इतनी बड़ी बाधा का अनुभव नहीं किया है।

उन्होंने बताया कि यूरोपीय देशों, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य विकसित देशों को नुकसान होगा, लेकिन सबसे अधिक जोखिम विकासशील देशों पर है, जहां तेल-गैस की ऊंची कीमतों, खाद्यान्नों के महंगे दामों और तेज मुद्रास्फीति से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि आईईए के सदस्य देशों ने पिछले महीने अपने रणनीतिक तेल भंडार का कुछ हिस्सा जारी करने पर सहमति जताई थी। बिरोल ने कहा कि इनमें से कुछ मात्रा पहले ही बाजार में जारी की जा चुकी है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ईरान के 'महाविनाश' की तारीख टाल सकते हैं ट्रंप? आज रात 8 बजे तक दी है मोहलत!

गौरतलब है कि इजरायल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज में यातायात को लगभग पूरी तरह रोक दिया है। विश्व के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का परिवहन इसी रास्ते से होता है। इस नाकाबंदी से वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल आया है। इस कारण कई देशों में तो हाहाकार मच गया है। पाकिस्तान में तो लॉकडाउन जैसे हालात हो गए है।

ट्रंप की धमकी से टेंशन में संयुक्त राष्ट्र

इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर गहरी चिंता जताई है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक होर्मुज नहीं खोला गया तो ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हां, हम उस सोशल मीडिया पोस्ट से चिंतित हैं, जिसमें ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य ढांचों पर हमले की धमकी दी गई है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:युद्ध में भी ईरान ने कर ली मोटी कमाई, आखिर हमलों के बीच भी कैसे मिल रही ताकत

उन्होंने बताया कि महासचिव गुतारेस अंतरराष्ट्रीय कानून के मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखते हैं और सभी पक्षों से अपील की है कि वे संघर्ष के दौरान अपने दायित्वों का पालन करें। गुतारेस ने दोहराया कि नागरिक बुनियादी ढांचे, खासकर ऊर्जा से जुड़े ढांचों पर हमला नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भले ही कोई ढांचा सैन्य लक्ष्य माना जाए, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून ऐसे हमलों की अनुमति नहीं देता जिनसे नागरिकों को अत्यधिक नुकसान पहुंचने की आशंका हो।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:चावल-गेहूं तक पहुंचेगी ईरान युद्ध की आंच? भारत के पास कितना इमरजेंसी स्टॉक तैयार

महासचिव ने जोर देकर कहा कि अब इस संघर्ष को समाप्त करने का समय आ गया है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान ही एकमात्र विकल्प है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसे हमले युद्ध अपराध माने जा सकते हैं, तो दुजारिक ने जवाब दिया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन होगा। उन्होंने कहा कि इसे अपराध माना जाए या नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी, लेकिन नागरिक बुनियादी ढांचे पर कोई भी हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।