Iran US War Latest Update Iran Foreign Minister Angry on President Macron Says Didnt Utter Single Word एक शब्द तक नहीं कहा, किस देश के राष्ट्रपति पर भड़का ईरान; खुलेआम लगाई फटकार, International Hindi News - Hindustan
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एक शब्द तक नहीं कहा, किस देश के राष्ट्रपति पर भड़का ईरान; खुलेआम लगाई फटकार

Iran US War: ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ईरान पर इजरायल-अमेरिका युद्ध की निंदा में एक भी शब्द नहीं कहा है, और वे 7 मार्च को तेहरान में ईंधन भंडारों पर हुए हमलों की निंदा करने में नाकाम रहे। यह काफी दुख की बात है।

Thu, 19 March 2026 06:48 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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एक शब्द तक नहीं कहा, किस देश के राष्ट्रपति पर भड़का ईरान; खुलेआम लगाई फटकार

Iran US War Update: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की कड़ी फटकार लगाते हुए उन पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने इजरायल और अमेरिका द्वारा इस्लामिक गणराज्य के साथ छेड़े गए युद्ध की निंदा नहीं की, जबकि तेहरान के जवाबी हमलों पर चिंता जताई। बुधवार को, ईरान ने कतर की अहम 'रास लफान' सुविधाओं पर हमला किया था - जो दुनिया के सबसे बड़े गैस क्षेत्र का हिस्सा हैं - जिसके बाद मैक्रों ने हमलों पर रोक लगाने की अपील की। ये हमले उसी गैस क्षेत्र में स्थित ईरानी सुविधाओं पर हुए एक हमले के बाद किए गए थे। यह गैस क्षेत्र ईरान और कतर के बीच साझा है।

मैक्रों ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों पर बिना किसी देरी के रोक लगाना हमारे साझा हित में है।" इस पोस्ट में उन्होंने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में जवाब देते हुए मैक्रों पर ईरान पर पहले हुए अमेरिकी-इजरायल हमलों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।

'एक शब्द तक नहीं कहा'

उन्होंने कहा कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने ईरान पर इजरायल-अमेरिका युद्ध की निंदा में एक भी शब्द नहीं कहा है, और वे 7 मार्च को तेहरान में ईंधन भंडारों पर हुए हमलों की निंदा करने में नाकाम रहे। उन्होंने कहा, ''उनकी मौजूदा 'चिंता' हमारे गैस ठिकानों पर इजरायल के हमले के बाद सामने नहीं आई। यह हमारे जवाबी हमले के बाद सामने आई है। दुख की बात है!" बता दें कि इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए, जिससे एक ऐसा युद्ध छिड़ गया जिसने तब से पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले लिया है। ईरान ने बार-बार चेतावनी दी है कि अगर उसके अपने ठिकानों पर हमला होता है, तो वह क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

ईरान ने कतर, कुवैत, यूएई से अपने नुकसान के लिए की मुआवजे की मांग

वहीं, ईरान ने गुरुवार को कतर, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर अमेरिकी और इजरायली हमले के लिए अपनी धरती को उपलब्ध कराने हेतु तीखा हमला बोला है और सभी प्रकार के नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि आमिर सईद इरावानी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को लिखे एक पत्र में कहा कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमले की शुरुआत के बाद से, कतर और कुछ अन्य पड़ोसी देशों के क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ हमले करने के लिए किया गया है। यह पत्र रियाध (सऊदी अरब) में इस्लामिक और खाड़ी देशों के 12 विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद आया है, जिसमें पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की गई थी।

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