Iran Refuses Direct Talks with US Will Convey Demands to Pakistan ईरान ने अमेरिका से सीधी बात करने से किया मना, पाकिस्तान को बताएगा अपनी मांग, International Hindi News - Hindustan
More

ईरान ने अमेरिका से सीधी बात करने से किया मना, पाकिस्तान को बताएगा अपनी मांग

ईरान का कहना है कि वे युद्धविराम को केवल तभी स्वीकार करेंगे जब यह युद्ध के पूर्ण अंत की पहली सीढ़ी हो। उनकी मांगों में प्रतिबंधों को हटाना, नुकसान की भरपाई और होर्मुज पर स्थायी समझौता शामिल है।

Sat, 25 April 2026 05:40 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
ईरान ने अमेरिका से सीधी बात करने से किया मना, पाकिस्तान को बताएगा अपनी मांग

Iran-Us talk: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस उच्च-स्तरीय कूटनीतिक ड्रामे ने वैश्विक स्तर पर तनाव और अनिश्चितता बढ़ा दी है। इस्लामाबाद में होने वाली इस संभावित वार्ता पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, लेकिन ईरान के ताजा बयानों ने सीधी बातचीत की संभावनाओं पर पानी फेर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने स्पष्ट कर दिया है कि इस्लामाबाद यात्रा के दौरान अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी सीधी बैठक की योजना नहीं है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान के उच्च अधिकारियों से मिलेंगे ताकि इस युद्ध को समाप्त करने और शांति बहाली के लिए पाकिस्तानी मध्यस्थता के प्रयासों पर चर्चा की जा सके। ईरान ने साफ किया है कि वह अपनी बातें और शर्तें पाकिस्तान के माध्यम से ही अमेरिका तक पहुंचाएगा।

स्टैंडबाय पर जेडी वेंस

वाइट हाउस ने संकेत दिया है कि यदि वार्ता में कोई ठोस प्रगति दिखती है, तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) पाकिस्तान की यात्रा कर सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर को ईरान की बात सुनने के लिए इस्लामाबाद भेजा है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ईरानी पक्ष की ओर से कुछ प्रगति देखी गई है, हालांकि उन्होंने इसका विवरण नहीं दिया।

वर्तमान स्थिति एक नाजुक युद्धविराम जैसी है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबाव बना रहे हैं। ट्रंप ने युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस बिछाने या जहाजों को रोकने की कोशिश की तो अमेरिकी नौसेना गोली मारने का आदेश लागू करेगी।

ईरान ने जता दी अपनी मंशा

ईरान का कहना है कि वे युद्धविराम को केवल तभी स्वीकार करेंगे जब यह युद्ध के पूर्ण अंत की पहली सीढ़ी हो। उनकी मांगों में प्रतिबंधों को हटाना, नुकसान की भरपाई और होर्मुज पर स्थायी समझौता शामिल है।

आपको बता दें कि खाड़ी क्षेत्र में तीसरे अमेरिकी विमानवाहक पोत (USS George HW Bush) की मौजूदगी अमेरिका की बातचीत के साथ दबाव की रणनीति को दर्शाती है। वहीं, पाकिस्तान इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्षों में से एक को रोकने के लिए डिप्लोमेसी का केंद्र बना हुआ है।

ईरानी विदेश मंत्री इस्लामाबाद के बाद मस्कट (ओमान) और मॉस्को (रूस) की भी यात्रा करेंगे, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान इस मुद्दे पर क्षेत्रीय और वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में हैं ताकि बातचीत को फिर से पटरी पर लाया जा सके।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।