Iran Israel America War Update Trump said only Iran should surrender unconditionally कोई समझौता नहीं, केवल बिना शर्त सरेंडर; ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बताया पूरा प्लान, International Hindi News - Hindustan
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कोई समझौता नहीं, केवल बिना शर्त सरेंडर; ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बताया पूरा प्लान

ट्रंप इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में भी अपनी भूमिका की मांग कर चुके हैं। गुरुवार को एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे चाहते हैं कि अमेरिका को ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में मदद करने का अधिकार मिलना चाहिए।

Fri, 6 March 2026 08:27 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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कोई समझौता नहीं, केवल बिना शर्त सरेंडर; ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक, बताया पूरा प्लान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के मुद्दे पर एक बार फिर से कड़ा रुख दिखाया है। पिछले 6 दिनों से जारी युद्ध के बीच ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा कोई और समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब कुछ घंटों पहले ही ईरान के राष्ट्रपति द्वारा सोशल मीडिया पर बताया गया कि कई देशों ने मध्यस्थता की पेशकश की है। हालांकि, उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए थे।

ईरानी राष्ट्रपति पाजशिकयान के इस बयान के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अंदाज में सोशल मीडिया साइट ट्रुथ सोशल पर ईरान को लेकर अपना पूरा प्लान बताया। उन्होंने लिखा, "ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, सिवाय बिना शर्त आत्मसमर्पण के। उसके बाद, एक बेहतरीन और स्वीकार्य नेता का चयन किया जाएगा, हम और हमारे बहादुर सहयोगी मिलकर ईरान को विनाश की कगार से वापस लाने का काम करेंगे, ताकि उसे आर्थिक रूप से और भी बेहतर और पहले से ज्यादा मजबूत बनाया जा सके।"

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गौरतलब है कि ट्रंप इससे पहले ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में भी अपनी भूमिका की मांग कर चुके हैं। गुरुवार को एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा था कि वे चाहते हैं कि अमेरिका को ईरान के नए सुप्रीम लीडर के चयन में मदद करने का अधिकार मिलना चाहिए। इस पर भारत में मौजूद ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने कहा था कि ट्रंप न्यूयॉर्क के मेयर का चयन अपने मन मुताबिक नहीं करवा पाते, लेकिन ईरान के सुप्रीम लीडर का चयन करने का सपना देखते हैं।

इससे पहले, अमेरिका और इजरायल द्वारा मिलकर ईरान पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया लगातार असुरक्षा की स्थिति से घिरा हुआ है। ईरान की तरफ से लगातार गल्फ देशों और अमेरिकी ठिकानों के ऊपर हमले किए जा रहे हैं। शुक्रवार को इजरायल ने युद्ध का क्षेत्र बढ़ाते हुए लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी उपनगरीय इलाकों में जमकर बम बरसाए। दरअसल, इन इलाकों को हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है। ईरान के साथ जारी युद्ध में हिज्बुल्लाह ने इजरायली ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की थी। इसके बाद इजरायल ने लेबनान की आम जनता से इन इलाकों को खाली करने के लिए कह दिया था। शुक्रवार को इजरायली जेट्स ने इन पर भारी बमबारी की।

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इससे पहले, ईरानी राष्ट्रपति मशूद पेजशिकयान सोशल मीडिया साइट एक्स पर कथित मध्यस्थता की पेशकश करने वाले देशों को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, "हम क्षेत्र की शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन अपने देश की गरिमा और अधिकार की रक्षा करने में हमें जरा भी हिचक नहीं होगी। मध्यस्थता उन लोगों को शुरू करना चाहिए, जिन्होंने ईरानी जनता को कम करके आंका और इस संघर्ष को शुरू किया।

हालांकि, इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने भी एक इंटरव्यू के दौरान किसी भी तरह का समझौता या आत्मसमर्पण करने से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि वह अपने देश की रक्षा कर रहे हैं, और वह ऐसा करते रहेंगे। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका अपने सैनिकों को ईरान में उतारने की बात कर रहा है। इस पर अराघची ने कहा कि वह इसका इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें इससे डर नहीं है, हमें (ईरान को) लगता है कि हम इससे निपट सकते हैं।

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