Iran Has Run Out of Space to Store Oil Storing It in Old and Dilapidated Tanks ईरान के पास नहीं बची तेल रखने की जगह, पुराने और कबाड़ टैंकों में कर रहा स्टोर, International Hindi News - Hindustan
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ईरान के पास नहीं बची तेल रखने की जगह, पुराने और कबाड़ टैंकों में कर रहा स्टोर

ईरान के तेल-निर्यातक संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी के अनुसार, ईरान अब रेल के जरिये चीन को तेल भेजने की कोशिश कर रहा है। रेल मार्ग तेहरान को चीन के यीवू और शीआन शहरों से जोड़ता है।

Thu, 30 April 2026 06:47 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान के पास नहीं बची तेल रखने की जगह, पुराने और कबाड़ टैंकों में कर रहा स्टोर

ईरान अपने तेल को इकट्ठा करने के लिए नए तरीके खोजने में जुटा है। अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी ने उसके निर्यात को लगभग रोक दिया है। ईरान पूरी तरह उत्पादन बंद करना नहीं चाहता। ऐसे में वह पुराने और कबाड़ टैंकों में बिना बिके तेल को भरने में जुटा है। ईरान के भीतर तेल का भंडार बढ़ने के साथ ही वह अब जंक स्टोरेज (कबाड़ भंडारण) के रूप में जाने जाने वाले पुराने स्थलों को फिर से चालू कर रहा है। वह कामचलाऊ कंटेनरों का उपयोग कर रहा है।

इसके साथ ही रेल के जरिये चीन को कच्चा तेल भेजने की कोशिश भी कर रहा है। वह किसी टैंक, जहाज, कामचलाऊ जगह या फिर उसे जमीन के नीचे ही छोड़ने पर काम कर रहा है। ये असामान्य कदम बुनियादी ढांचे के संकट को टालने और हॉर्मुज को लेकर जारी गतिरोध में वाशिंगटन के दबाव को कम करने के लिए उठाए जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध अब इस बात की होड़ बन गया कि पहले कौन झुकता है।

रेल से भेजने की कोशिश काफी महंगी

ईरान के तेल-निर्यातक संघ के प्रवक्ता हामिद हुसैनी के अनुसार, ईरान अब रेल के जरिये चीन को तेल भेजने की कोशिश कर रहा है। रेल मार्ग तेहरान को चीन के यीवू और शीआन शहरों से जोड़ता है। हालांकि, यह समुद्री मार्ग की तुलना में बहुत महंगा है।

तेल न बिक पाना और उसे इकट्ठा करना देश की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डालता है। इससे वह देश बातचीत की मेज पर आने या युद्ध की स्थिति में झुकने को मजबूर हो सकता है।

तेल रखने की जगह जल्द खत्म होगी

रिपोर्ट के अनुसार, यदि नाकाबंदी जारी रही तो मई के मध्य तक ईरान का उत्पादन मौजूदा स्तर से आधे से भी कम (12 से 13 लाख बैरल रोज) गिर सकता है। ईरान के पास तेल रखने की जगह दो हफ्ते से भी कम समय में खत्म हो सकती है। ईरान के पास जमीन पर मौजूद तेल का भंडार नाकाबंदी के दौरान 46 लाख बैरल बढ़कर अब लगभग 4.9 करोड़ बैरल हो गया।

अधिक तेल होने पर देश उठाते हैं ये कदम

1. सबसे पहले तेल को बड़े-बड़े जमीनी टैंकों में भरा जाता है। जब ये टैंक भर जाते हैं, तो वे पुराने या कबाड़ टैंकों का भी इस्तेमाल करते हैं।

2. जब जमीन पर जगह खत्म हो जाती है, तो तेल को समुद्री जहाजों में भरकर समुद्र में ही खड़ा कर दिया जाता है। इसे फ्लोटिंग स्टोरेज कहते हैं।

3. अधिक तेल को निकालने के लिए देश भारी छूट पर तेल बेचने लगते हैं ताकि खरीदार आकर्षित हों।

4. अगर भंडारण की जगह बिल्कुल खत्म होने वाली हो, तो तेल के कुओं को बंद करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सबसे आखिरी और जोखिम भरा रास्ता है। क्योंकि, कुओंको दोबारा शुरू करना तकनीकी रूप से कठिन और महंगा होता है।

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