Iran has opened the way to the Strait of Hormuz what does it mean for India LPG ही LPG होगी; होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का भारत पर क्या असर, अब कम होगी महंगाई?, International Hindi News - Hindustan
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LPG ही LPG होगी; होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का भारत पर क्या असर, अब कम होगी महंगाई?

लेबनान और इजरायल के बाद सीजफायर की घोषणा के बाद अब ईरान ने होर्मुज को व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से खोलने का ऐलान कर दिया है। ईरान की तरफ से कहा गया है कि सीजफायर की अवधि तक होर्मुज सभी के लिए खुला हुआ है।

Fri, 17 April 2026 10:34 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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LPG ही LPG होगी; होर्मुज स्ट्रेट के खुलने का भारत पर क्या असर, अब कम होगी महंगाई?

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर लगे प्रतिबंध को व्यापारिक जहाजों के लिए हटाने का ऐलान किया है। तेहरान की तरफ से कहा गया कि लेबनान और इजरायल के बीच हुए सीजफायर के बाद इस्लामिक सरकार ने होर्मुज को व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रूप से खोलने फैसला लिया है। ईरान के इस फैसले के बाद भारत में एलपीजी और कच्चे तेल के मामले में राहत मिलने की संभावना है। अभी हाल ही में जब ईरान ने होर्मुज खोलने का ऐलान किया। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। हालांकि, ईरान की तरफ से यह छूट केवल सीजफायर जारी रहने की अवधि तक ही है। लेकिन इसके आगे बढ़ने की संभावना है।

होर्मुज के खुलने से ऊर्जा संकट के मुहाने पर बैठी दुनिया को थोड़ी राहत मिली है। भारत के लिए भी यह एक बड़ी राहत की बात है। होर्मुज के खुलने से खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय जहाज जल्द से जल्द देश वापस आ पाएंगे। इससे भारत में बढ़ते एलपीजी संकट से भी राहत मिल सकती है। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो जल्दी ही और भी जहाज खाड़ी की तरफ रवाना हो सकते हैं।

दुनिया के लिए क्यों जरूरी है होर्मुज का खुलना?

28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान ने होर्मुज को बंद करने की शुरुआत कर दी थी। ईरान ने सबसे पहले यहां से गुजरने वाले जहाजों को चेतावनी दी और उसके बाद उसने एक जहाज पर हमला कर दिया। इसके बाद होर्मुज से आवाजाही पूरी तरह से ईरान के हाथ में आ गई। इस युद्ध के दौरान कई देशों के जहाज इस रास्ते से गुजरे हैं, लेकिन इन जहाजों को ईरान से इजाजत लेनी पड़ी थी। इस दौरान भारत के भी कुछ जहाज यहां से निकले थे। होर्मुज के रास्ते भारत समेत दुनिया के तमाम देशों की ऊर्जा आपूर्ति होती है। जब यह बंद हुआ, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें आसमान छूने लगी। इसके असर को ऐसे समझा जा सकता है कि कीमतों को कम करने के लिए अमेरिका को रूसी तेल पर लगे प्रतिबंध को हटाना पड़ा।

भारत की ऊर्जा जरूरतें होंगी पूरी, व्यापार भी सधेगा

खाड़ी क्षेत्र से भारत की ऊर्जा जरूरत का एक बड़ा हिस्सा पूरा होता है। इसके फिर से खुलने से शिपिंग मार्ग अब सामान्य स्थिति में आने की संभावना बढ़ गई है। अभी होर्मुज के बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो गई थी। अब इनके धीरे-धीरे कम होने के आसार है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी रिफाइनरियों और तेल कंपनियों को फायदा होगा। इससे घरेलू स्तर पर गैस और तेल की कीमतों में कमी आएगी।

होर्मुज के फिर से खुल जाने की वजह से भारत से खाड़ी देशों में सामान भेजने वाले व्यापारियों को भी राहत मिलेगी। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र के केला किसान, जो होर्मुज के बंद होने की वजह से अपनी फसलों के सही दाम नहीं ले पा रहे थे, उनके लिए यह एक राहत की बात होगी।

अभी भी फंसी हुई है बात

होर्मुज का खुलना भले ही दुनिया के लिए एक बड़ी खुशखबरी की तरह सामने आया है, लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है। अमेरिका और ईरान के बीच में जब तक शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह रास्ता पूरी तरह से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है। अभी जहाजों के बीमा की फीस बढ़ी ही रह सकती है, जिसकी वजह से शिपिंग कंपनियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ सकता है। अभी कई देश इस क्षेत्र में अपने जहाजों को भेजने से परहेज भी करेंगे क्योंकि अगर फिर से दोनों देशों के बीच में विवाद बढ़ता है, तो जहाजों के फंसने का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज अगर अपनी पूरी क्षमता के साथ भी काम करना शुरू कर देता है, तब भी स्थिति को सामान्य होने में करीब 6 महीने से ज्यादा का वक्त लगेगा।

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