दुबई में नहीं है अमेरिका का बेस, फिर क्यों इस शहर को तबाह करने पर तुला है ईरान
ईरान ने यूएई के दुबई शहर पर बड़े हमले करने की कोशिश की है। यह शहर अपनी सुरक्षा और पर्यटकों के लिए जाना जाता है। दुबई में बड़ी संख्या में भारतीय लोग भी फंसे हैं। एयरस्पेस और फ्लाइट ऑपरेशन बंद होने की वजह से वे मुसीबत में फंस गए हैं।

ईरान पर अमेरिका और इजराल का हमला और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी देशों में आग लग गई है। ईरान उन सभी देशों पर हमले कर रहा है जहां अमेरिका के एयरबेस स्थित हैं। वहीं दुनिया के सबसे सुरक्षित शहरों में गिने जाने वाले दुबई में भी ईरान ने सैकड़ों अटैक किए हैं। दुबई में अमेरिका को कोई बेस भी नहीं है। खलीज टाइम्स की मानें तो इन हमलों में दुबई में तीन लोगों की मौत हुई है जिनमें पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने यूएई में 165 मिसाइलों और 500 से ज्यादा ड्रोन से हमला किया। इतने ज्यादा अटैक को रोकने में यूएई का डिफेंस सिस्टम भी पस्त हो गया। हालांकि अगर डिफेंस सिस्टम कारगर ना होता तो दुबई तबाह हो गया होता।
जानकारों का कहना है कि ईरान दुबई को इसलिए तबाह करना चाहता है क्योंकि यहां दुनियाभर के लोग आते हैं। इसे सबसे सुरक्षित शहरों में भी गिना जाता है। यह शहर यूएई की अर्थव्यवस्था का भी बड़ा स्रोत है। ऐसे में दुबई में हमला करना यूएई की नब्ज प र हमला करना है। इसीलिए यहां अमेरिका का कोई बेस ना होने के बाद भी ईरान हमला कर रहा है।
दुबई में फंसे हैं सैकड़ों भारतीय
दुबई को इंटरनेशनल सिटी कहा जाता है। यहां कोई मूल निवासी नहीं बल्कि दुनियाभर से आकर बसने वाले लोग हैं। दुबई में हमलों के बीच भारत के भी सैकड़ों लोग दुबई में फंस गए हैं। पुणे के एक संस्थान के कम से कम 84 छात्र दुबई में फंसे हुए हैं। एयरस्पेस बंद होने और उड़ानें निरस्त होने की वजह से लोगों को निकलने का रास्ता ही नहीं मिल रहा है। वहीं जानकारों का कहना है कि अगर ऐसे ही युद्ध चलता रहा तो दुबई को भी बड़ी तबाही झेलनी होगी।
दुबई घूमने जाने वाले लोगों का कहना है कि उन्होंने सीमित अविधि के बाद की रिटर्न टिकट बुक की थी। हालांकि अब फ्लाइट कैंसल कर दी गई हैं और उनके होटल की बुकिंग अवधि भी खत्म हो गई है। ऐसे में उनके पास बड़ी समस्याएं हैं। उनका बजट भी तेजी से खत्म हो रहा है।
दुबई में पीवी सिंधु भी फंसी
सिंधू को तीन मार्च से शुरू होने वाली ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेना है और वह शनिवार से अपने इंडोनेशियाई कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा के साथ दुबई में फंसी हुई हैं क्योंकि क्षेत्र में मिसाइल हमलों के बीच वायुक्षेत्र को बंद किया गया है। उन्होंने बताया कि दो बार धमाके की आवाज सुनी गई और आसपास डर का माहौल है।
दुबई में फँसे हुए लोग सरकार से सुरक्षित वापसी के लिए मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दुबई में होटल और हर चीज के रेट बढ़ गए हैं। ऐसे में उनका बजट भी खत्म हो गया है। इस अस्थिरता के माहौल में दुबई में रुकना उनके लिए खतरे से खाली नहीं है। पर्यटक भारतीय दूतावास से भी संपर्क साध रहे हैं। बता दें कि दुबई संयुक्त अरब अमीरात का एक शहर है जहां बड़ी संख्या में भारतीय भी रहते हैं।
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