अब कुर्द भी बोल देंगे ईरान पर धावा? डोनाल्ड ट्रंप ने हमले के लिए दिया खुला समर्थन, आगे क्या
अगर ईरान और इराक के कुर्द समूह इस युद्ध में शामिल होते हैं, तो यह संघर्ष में किसी बड़े जमीनी बल की पहली सीधी भागीदारी होगी। इन कुर्द समूहों को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्ध का भी अनुभव है।

Iran America War: ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भीषण युद्ध जारी है। युद्ध शुरू हुए सप्ताह भर का समय बीत चुका है, लेकिन हालात बेहतर होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच अब ईरान के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। बीते दिनों यह खबर सामने आने के बाद कि ईरान के पुराने दुश्मन कुर्द इस जंग का फायदा उठाकर ईरान पर धावा बोल सकते हैं, अब डोनाल्ड ट्रंप ने कुर्दों का खुलकर समर्थन किया है। ट्रंप ने कहा है कि अगर इराक में मौजूद ईरानी कुर्द सेनाएं ईरान में घुस कर तेहरान के सिक्योरिटी फोर्स पर हमले करते हैं, तो यह बहुत अच्छी बात होगी।
डोनाल्ड ट्रंप ने रॉयटर्स के साथ एक इंटरव्यू में यह बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने कुर्द सेना को ईरान पर हमला करने के लिए बढ़ावा दिया। उन्होंने अपने ब्याव में कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत बढ़िया है कि वे ऐसा करना चाहते हैं, मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।” वहीं इस बारे में पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका पश्चिमी ईरान में दखल देने पर विचार कर रहे ईरानी कुर्द बलों को एयर कवर देगा या दे चुका है, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “मैं आपको यह नहीं बता सकता, लेकिन इस लड़ाई में कुर्दों का मकसद जीतना होगा।
हमले को तैयार कुर्द
इससे पहले अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई थी कि ईरान में कुर्द मिलिशिया ने हाल के दिनों में देश के पश्चिमी हिस्से में ईरान के सिक्योरिटी फोर्स पर हमला को लेकर अमेरिका से सलाह ली है। इराकी कुर्दिस्तान के बाहरी इलाके में ईरान-इराक बॉर्डर पर मौजूद ईरानी कुर्दिश समूह का एक गठबंधन ईरानी सेना को कमजोर करने की उम्मीद में ऐसे हमले करने की ट्रेनिंग भी ले रहा है।
कुर्द अधिकारियों ने क्या बताया?
कुर्द अधिकारियों ने इससे पहले एपी को बताया था कि उत्तरी इराक में स्थित ईरानी कुर्द समूह ईरान के खिलाफ संभावित सीमा-पार सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों ने इराकी कुर्दों से उनका समर्थन करने का अनुरोध किया है। इन कुर्द समूहों को बिखरे हुए ईरानी विपक्ष का सबसे संगठित हिस्सा माना जाता है। अनुमान है कि उनके पास हजारों प्रशिक्षित लड़ाके हैं। युद्ध में उनके शामिल होने से तेहरान के पहले से दबाव में कार्यरत प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
ट्रंप से फोन पर हुई बात
इराकी कुर्द क्षेत्र के तीन अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि रविवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद बरजानी और बाफेल तालाबानी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। बरजानी और तालाबानी कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (केडीपी) और पैट्रियोटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के प्रमुख हैं, जो इराक की दो मुख्य कुर्द राजनीतिक पार्टियां हैं। एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने इराकी कुर्दों से ईरान में संभावित अभियानों के दौरान ईरानी कुर्द समूहों को सैन्य समर्थन देने और सीमा खोलने का अनुरोध किया, ताकि ये समूह दोनों ओर स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर सकें।
क्या बोला वाइट हाउस?
इस बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप ने "उत्तरी इराक में स्थित हमारे सैन्य अड्डे के संदर्भ में कुर्द नेताओं से बातचीत की थी लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ट्रंप ने किसी विशेष योजना पर सहमति दी है
ईरान में कुर्दों का वर्तमान इस्लामी गणराज्य और उससे पहले की राजशाही दोनों के खिलाफ असंतोष और विद्रोह का लंबा इतिहास रहा है। अगर ईरान और इराक के कुर्द समूह इस युद्ध में शामिल होते हैं, तो यह संघर्ष में किसी बड़े जमीनी बल की पहली सीधी भागीदारी होगी। इन कुर्द समूहों को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ युद्ध का भी अनुभव है।
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