Iran America Deal Done on Ceasefire But Donald Trump Final Approval is Still Pending अमेरिका-ईरान के बीच हो गई डील, लेकिन ट्रंप की आखिरी मंजूरी मिलना बाकी, International Hindi News - Hindustan
More

अमेरिका-ईरान के बीच हो गई डील, लेकिन ट्रंप की आखिरी मंजूरी मिलना बाकी

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति बन गई है। इस MoU का मकसद सीजफायर को आगे बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना है।

Thu, 28 May 2026 08:07 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
share
अमेरिका-ईरान के बीच हो गई डील, लेकिन ट्रंप की आखिरी मंजूरी मिलना बाकी

US Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन के एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति बन गई है। इस MoU का मकसद सीजफायर को आगे बढ़ाना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करना है। हालांकि, Axios ने गुरुवार को दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस समझौते के लिए अभी भी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

अमेरिका और ईरान ने पूरे सप्ताह एक-दूसरे पर हमले किए हैं, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें विश्वास है कि उनका प्रशासन युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत में प्रगति कर रहा है। अमेरिका ने सोमवार को कहा था कि उसने दक्षिणी ईरान में मिसाइल स्थलों और बारूदी सुरंग बिछाने वाली नौकाओं पर रक्षात्मक हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों ने बुधवार देर रात वॉशिंगटन में कहा कि सेना ने ईरान पर और हमले किए, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के आसपास खतरा पैदा करने वाले चार ड्रोन को मार गिराया गया और बंदर अब्बास में एक ईरानी जमीनी नियंत्रण स्टेशन को निशाना बनाया, जहां से पांचवां ड्रोन रवाना होने वाला था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अब US भी बनाएगा ईरान के शाहेद जैसे ड्रोन, मुस्लिम देश साथ; क्यों पड़ गई जरूरत?

ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' के माध्यम से बंदर अब्बास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास हुए हमले की पुष्टि की और कहा कि उसने हमले को अंजाम देने वाले सैन्य ठिकाने पर जवाबी हमला किया है, हालांकि उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि संदर्भित हमले का लक्ष्य कुवैत था या नहीं। कुवैत की सेना ने गुरुवार को कहा कि उसके वायु रक्षा तंत्र ने मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि किन लक्ष्यों को निशाना बनाया गया था।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:अब US भी बनाएगा ईरान के शाहेद जैसे ड्रोन, मुस्लिम देश साथ; क्यों पड़ गई जरूरत?

इस बीच, ट्रंप एक ऐसे समझौते की तलाश में हैं, जिससे होर्मुज फिर से खुल सके। इस जलमार्ग से विश्व के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है। वह ईरान पर उच्च संवर्द्धित यूरेनियम भंडार को छोड़ने के लिए भी दबाव डाल रहे हैं, जबकि इस्लामिक गणराज्य आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और अपनी चरमराई हुई अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए जब्त की गई संपत्तियों को मुक्त करने की मांग कर रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:... तो उड़ा देंगे; ईरान-ओमान समझौते की अटकलों पर भड़के ट्रंप, दी हमले की धमकी

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।