दौलत में पैदा हुए ट्रंप नहीं जानते, भारत की बुराई पर बिफरे भारतवंशी सांसद; खूब सुनाया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के एक पत्र को रीपोस्ट किया है। इस पत्र में भारत, चीन और अन्य देशों को 'नरक जैसी जगह' बताया गया है। अब भारतवंशी सांसद आमी बेरा ने इसपर आपत्ति जताई है।

भारत समेत कुछ देशों को नरक कहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप घर में ही घिर गए हैं। अब भारतवंशी सांसद अमी बेरा ने इसपर दुख जाहिर किया है। साथ ही कहा है कि उन्हें अपनी विरासत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि धन दौलत में पैदा में हुए ट्रंप को कभी किसी चीज के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ा। हालांकि, विवादित पोस्ट साझा करने के बाद ट्रंप ने हालात संभालने की कोशिश की थी और भारत को महान देश माना था।
अमेरिका में भारतवंशी सांसद बेरा ने कहा, 'भारत से आए प्रवासियों के बेटे के रूप में, मुझे अपनी विरासत और उस देश पर बहुत गर्व है जिसने मेरे परिवार को एक बेहतर जीवन बनाने का मौका दिया। मेरे माता-पिता उसी मौके की तलाश में कानूनी रूप से अमेरिका आए थे। मेरी मां ने 35 साल तक सरकारी स्कूल में टीचर के रूप में काम किया। मेरे पिता एक इंजीनियर थे। उन्होंने मुझे और मेरे भाइयों को इस पक्के विश्वास के साथ पाला कि मेहनत करना, समाज की सेवा करना और उस देश का कर्ज उतारना जरूरी है जिसने उनका स्वागत किया।'
उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणियां अपमानजनक, अज्ञानता भरी और उनके पद की गरिमा के खिलाफ हैं। ये बातें इस बात को दर्शाती हैं कि वे एक राष्ट्र के रूप में हमारी पहचान को बिल्कुल नहीं समझ पाए हैं। अमेरिका हमेशा उन प्रवासियों की पीढ़ियों से मजबूत हुआ है जो यहां आते हैं, कड़ी मेहनत करते हैं और हमारे देश के लिए अपना योगदान देते हैं। वे अमेरिका को कमजोर नहीं करते, बल्कि वे इसे और मजबूत बनाते हैं।'
जमकर की आलोचना
बेरा ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप, जो दौलत और सुख-सुविधाओं के बीच पैदा हुए, उन्हें कभी उस तरह संघर्ष नहीं करना पड़ा जैसा कई प्रवासी परिवारों को करना पड़ता है। वे उस हिम्मत, त्याग और पक्के इरादे को नहीं समझते जो जीरो से जीवन बनाने के लिए चाहिए होता है। वे समाज सेवा को नहीं समझते, और वे उन मूल्यों को भी नहीं समझते जो अमेरिका को दुनिया का सबसे महान देश बनाते हैं।'
क्या था विवाद
ट्रंप ने अमेरिकी रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के एक पत्र को रीपोस्ट किया है। इस पत्र में भारत, चीन और अन्य देशों को 'नरक जैसी जगह' बताया गया है। साथ ही अमेरिकी जन्मसिद्ध नागरिकता कानून पर सवाल उठाते हुए पत्र में यह दावा किया गया कि इन देशों के लोग अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर नागरिकता का लाभ उठाते हैं। पत्र में भारतीय और चीनी प्रवासियों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे विवाद और गहरा गया है।
फिर किया डैमेज कंट्रोल
विवाद बढ़ने के बाद अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, 'राष्ट्रपति ने कहा है कि भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर उनके बहुत अच्छे मित्र हैं।' प्रवक्ता ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने भारत को एक महान देश बताने वाली टिप्पणी कहां और कब की थी।
भारत में नाराजगी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही इसके जवाब में अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया बयान भी देखा है।' उन्होंने कहा, 'ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं। ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करती हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं।'
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