ट्रेड डील के बीच अमेरिका दौरे पर जयशंकर, रूबियो से क्या बात हुई? आज का दिन खास
वाशिंगटन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की मुलाकात में भारत-यूएस व्यापार समझौते पर मुहर लगी। जानें कैसे 25% से घटकर 18% हुआ टैरिफ और किन 5 रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ी दोनों देशों की नजदीकी।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी तक अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा हुई। इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण भारत और अमेरिका के बीच हुआ नया व्यापार समझौता रहा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस समझौते की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत, अमेरिका भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 25% से घटाकर 18% करने पर सहमत हो गया है। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुए इस समझौते का स्वागत किया और इसे आर्थिक अवसरों को अनलॉक करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) पर सहयोग
भविष्य की तकनीक और ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए 'क्रिटिकल मिनरल्स' पर विशेष चर्चा हुई। दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रसंस्करण में सहयोग को औपचारिक रूप देने पर सहमति जताई। जयशंकर बुधवार को मार्को रूबियो द्वारा बुलाए गए 'क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल' में भी भाग लेंगे।
रक्षा, ऊर्जा और तकनीक
बैठक में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के कई अन्य स्तंभों पर भी चर्चा की गई।
ऊर्जा और परमाणु सहयोग: साझा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
रक्षा और तकनीक: रक्षा क्षेत्र में तकनीकी हस्तांतरण और सहयोग को और मजबूत करने की बात कही गई।
मैकेनिज्म: साझा हितों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न द्विपक्षीय तंत्रों की जल्द बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी।
इंडो-पैसिफिक और क्वाड
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्वाड के माध्यम से द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्वीकार किया कि एक समृद्ध और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र दोनों देशों के साझा हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एस. जयशंकर की यह यात्रा ट्रंप प्रशासन के साथ भारत के तालमेल को और मजबूत करने वाली रही है। विशेष रूप से टैरिफ में कमी और खनिजों पर सहयोग आने वाले समय में दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
आज का दिन खास
जयशंकर के दौरे का आज का दिन खास है। दरअसल आज अमेरिका अपने पहले महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय सम्मेलन का आयोजन करेगा। इस बैठक में तकनीकी इनोवेशन, आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चैन की कमजोरियों से जुड़ी चिंताओं के समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को एक मंच प्रदान किया जाएगा।
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