India targeted Nur Khan Airbase in Op Sindoor where US aircraft landed there for discussions on iran भारत ने जिस एयरबेस को बनाया था निशाना, उसी पर उतरा अमेरिकी विमान; ईरान पर चर्चा की तैयारी, International Hindi News - Hindustan
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भारत ने जिस एयरबेस को बनाया था निशाना, उसी पर उतरा अमेरिकी विमान; ईरान पर चर्चा की तैयारी

ईरान में होने वाले सीजफायर पर चर्चा के लिए अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचने वाला है, लेकिन ईरान की तरफ से आने वाले प्रतिनिधिमंडल को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। 

Sat, 11 April 2026 02:01 AMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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भारत ने जिस एयरबेस को बनाया था निशाना, उसी पर उतरा अमेरिकी विमान; ईरान पर चर्चा की तैयारी

पश्चिम एशिया में हुई जंग में पाकिस्तान मध्यस्थ बनकर उभरा है। इस्लामाबाद की तरफ से दावा किया गया है कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल जल्दी ही पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। इसके लिए इस्लामाबाद को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है। इसी बीच भारत में सबसे बड़ी चर्चा का केंद्र बना है नूर खान एयरबेस, वहीं एयरबेस जिस पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने हमला किया था। इस हमले में इसकी हवाई पट्टी पर एक बड़ा गड्ढ़ा बन गया था। इसी एयरबेस पर एक शुक्रवार को एक अमेरिकी विमान उतरते हुए देखा गया, जिसकी पूंछ पर "चार्ल्सटन" लिखा हुआ था।

पाकिस्तान भले ही अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस बातचीत को लेकर उत्साहित हो, लेकिन यह चर्चा अनिश्चितता से घिरी हुई है। अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंचने वाला है, लेकिन ईरान की तरफ से आने वाले प्रतिनिधिमंडल को लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई है। तेहरान के पाकिस्तान स्थित राजदूत ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डिलीट कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक ईरानी प्रतिनिधिमंडल उसी दिन देश में पहुंचेगा।

दरअसल, दोनों ही पक्ष एक-दूसरे के ऊपर युद्धविराम का ठीक से पालन न करने का आरोप लगा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के रवैये पर नाराजगी जताई है, जिसे समझौते के तहत फिर से खोला जाना था। वहीं, तेहरान ने लेबनान में इजरायली हमलों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह भी समझौते के दायरे में आता है। हालांकि, इजरायल ने लेबनान के साथ एक अलग सीजफायर चर्चा की शुरूआत करने का ऐलान किया है, लेकिन ईरान, नेतन्याहू प्रशासन पर भरोसा करता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इसकी वजह से पाकिस्तान में होने वाली चर्चा भी अधर में लटकी हुई है।

इजरायल को कोसने वाले पोस्ट को ख्वाजा आसिफ ने किया डिलीट

पाकिस्तान भले ही इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन उसके नेता अपना असली रंग दिखाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। शहबाज सरकार में रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने गुरुवार शाम को लेबनान पर इजरायल के हमलों की आलोचना करते हुए उसे "कैंसरग्रस्त देश" और "मानवता के लिए अभिशाप" बताया। हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्होंने वह पोस्ट डिलीट कर दिया।

आसिफ के पोस्ट पर इजरायल का रिएक्शन

भले ही ख्वाजा आसिफ ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया हो लेकिन यह दुनिया की नजर में आ गया। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इस पोस्ट को चिंताजनक बताते हुए इसकी निंदा की है। कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, “यह ऐसा बयान नहीं है जिसे किसी भी सरकार से बर्दाश्त किया जा सके, खासकर उस सरकार से जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ होने का दावा करती है।” बता दें, पाकिस्तान, औपचारिक तौर पर इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। इसकी वजह से उसकी इस युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका और भी ज्यादा जटिल हो जाती है।

तमाम ऊहापोह के बाद भी पाकिस्तान इस वैश्विक चर्चा के लिए तैयारी कर रहा है। शहबाज सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से पूरी राजधानी को छावनी में बदल दिया है। यह चर्चा इस्लामाबाद में किस जगह पर होगी, इसको लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। लेकिन राजधानी के उच्च सुरक्षा वाले रेड ज़ोन में विदेश मंत्रालय के बगल में स्थित सेरेना होटल ने बुधवार को अपने मेहमानों को होटल खाली करने के लिए कहा।

उसी दिन राजधानी के अधिकारियों ने गुरुवार और शुक्रवार को दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की। इस्लामाबाद की सड़कें सैन्य वर्दी पहने सशस्त्र सुरक्षाकर्मियों से भरी पड़ी हैं, यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है और पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। राजधानी, जो पहले से ही एक शांत शहर है, शुक्रवार को और भी शांत थी।

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