How Reciprocal Tariff bet became headache for Donald Trump, sparks boycott USA goods in many countries including India ट्रंप के लिए जी का जंजाल बना 'टैरिफ दांव', भारत समेत इन देशों में बॉयकॉट USA मुहिम तेज; क्या कर रहे लोग, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप के लिए जी का जंजाल बना 'टैरिफ दांव', भारत समेत इन देशों में बॉयकॉट USA मुहिम तेज; क्या कर रहे लोग

Google सर्च डेटा के अनुसार, भारत समेत करीब एक दर्जन देशों में लोग BoycottUSA के बारे में सर्च कर रहे हैं।

Fri, 4 April 2025 03:05 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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ट्रंप के लिए जी का जंजाल बना 'टैरिफ दांव', भारत समेत इन देशों में बॉयकॉट USA मुहिम तेज; क्या कर रहे लोग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को विभिन्न देशों के खिलाफ रेसिप्रोकल टैरिफ (जवाबी शुल्क) की घोषणा करते हुए एक चार्ट दिखाया था, जिसमें भारत, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ जैसे देशों पर लगाई जाने वालीं नई टैक्स दरों का उल्लेख था। इस चार्ट के मुताबिक, भारत पर 26 फीसदी तो चीन पर 34 फीसदी (कुल 54 फीसदी) कर लगाया गया है। यूरोपीय देशों पर भी भारी भरकम टैक्स लगाया गया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि नई दरें तब तक लागू रहेंगी जब तक कि अमेरिका पिछले साल दर्ज किए गए 1.2 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार असंतुलन को कम नहीं कर लेता।

हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के इस कदम से दुनियाभर में खलबली है। अमेरिकी स्टॉक मार्केट में हाहाकार मचा हुआ है। गुरुवार को ही अमेरिकी बाजार नैस्डैक करीब 6% टूट गया और Dow Jones इंडेक्स में 1600 अंकोंकी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका पर मंदी का खतरा मंडराने की भी आशंका जताई जा रही है। कई अर्थशास्त्रियों का कहना है कि नए टैरिफ का बोझ अमेरिकी कंपनियों पर ही पड़ेगा और अंतत: अमेरिकी उपभोक्ताओं पर ही वे बोझ डाले जाएंगे। दूसरी तरफ कई देश जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दे रहे हैं। इस बीच, अब सोशल मीडिया पर अमेरिकी वस्तुओं और खुद संयुक्त राज्य अमेरिका के बहिष्कार का आह्वान किया जाने लगा है।

कहां-कहां मुहिम और गूगल सर्च

ट्रंप की घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर #BoycottUSA ट्रेंड करने लगा है। इतना ही नहीं गूगल सर्च में भी इसे दुनियाभर में सर्च किया जाने लगा है। Google सर्च डेटा के अनुसार, भारत समेत करीब एक दर्जन देशों में लोग BoycottUSA के बारे में सर्च कर रहे हैं। ऐसे देशों में भारत के अलावा कनाडा, यूके, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्विटजरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं।

गूगल पर लोग क्या सर्च कर रहे?

न्यूजवीक की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत से लेकर यूरोप और आस्ट्रेलिया तक लोग गूगल पर "अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करें (us products to boycott)", "अमेरिकी उत्पादों की सूची का बहिष्कार करें (list of American products to boycott)", "अमेरिकी ब्रांडों का बहिष्कार करें (American brands to boycott)" और "अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार कैसे करें (how to boycott American products)" जैसे सवाल खोज रहे हैं। इतना ही नहीं, कई लोग अपनी वैकेशन ट्रिप कैंसल कर रहे हैं और अमेरिका नहीं जाने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं।

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कनाडाई लेखक जेफरी लुस्कोम्ब ने एक्स पर #BoycottUSA के साथ पोस्ट किया, "हमने पिछले महीने के लिए बुक की गई फ्लोरिडा की होली डे ट्रिप रद्द कर दी है। कनाडा में ही रहने का फैसला किया। सुना है कि कुछ अन्य कनाडाई लोगों ने भी ऐसा ही किया है। इसी तरह एक अन्य यूजर ने एक्स पर लिखा, "मैं अब कभी अमेरिका नहीं जाऊँगा। जहाँ तक संभव होगा, मैं अमेरिकी वस्तुओं और कंपनियों का बहिष्कार करूँगा।"

अमेरिका में पर्यटकों की संख्या में गिरावट का अंदेशा

रिसर्च फर्म टूरिज्म इकोनॉमिक्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि 2025 में अमेरिका की यात्रा में 5.5 फीसदी तक की गिरावट आने का अनुमान है। हालांकि, #BoycottUSA का ट्रेंड पहली बार नहीं चला है। जब डोनाल्ड ट्रम्प मे इस साल जनवरी में शपथ ग्रहण किया था, तभी से #BoycottUSA शब्द ऑनलाइन ट्रेंड करने लगा था। मार्च में, कनाडा, मैक्सिको, भारत और चीन समेत करीब पांच दर्जन देशों पर ट्रंप के टैरिफ दांव के बाद यूरोपीय संघ और कनाडा में इस तरह के हैशटैग और सर्च में तेजी से उछाल आया है।

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