अमेरिका से जंग में कैसे ईरान को हो रहा फायदा, होर्मुज को बना लिया हथियार; कर रहा कमाई
Iran-US War Update: अमेरिका से जंग के बीच ईरान कमाई कर रहा है। उसने होर्मुज स्ट्रेट को हथियार बना लिया है। अब वहां से गुजरने वाले खाड़ी देशों के तेल के जहाजों से भी पैसे वसूल रहा है।

Strait of Hormuz News: ईरान ने अमेरिका का युद्धविराम प्रस्ताव ठुकरा कर डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। ईरान किसी भी कीमत पर ट्रंप की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है। वह मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी रखे हुए है। इस युद्ध में सबसे बड़ा हथियार होर्मुज स्ट्रेट साबित हो रहा है, जहां से पहले दुनिया का 20 फीसदी तेल का कारोबार होता था। अब इस होर्मुज स्ट्रेट से भी ईरान कमाई कर रहा है। खाड़ी के देशों ने कहा है कि ईरान उनसे होर्मुज से गुजरने के लिए फीस वसूल रहा है।
गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सेक्रेटरी-जनरल का कहना है कि ईरान, जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरने देने के लिए फीस ले रहा है। जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी पहले ऐसे शीर्ष अधिकारी हैं, जिन्होंने ईरान पर इस जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया है। यह फारसी खाड़ी का एक संकरा मुहाना है, जिससे होकर कभी 20 प्रतिशत तेल का व्यापार होता था।
अल-बुदैवी छह गल्फ अरब देशों के समूह की देखरेख करते हैं, जिनमें बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। उन्होंने गुरुवार को सऊदी अरब के रियाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह बात कही। फार्स और तस्नीम समाचार एजेंसियों ने, जो दोनों ही ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के करीब हैं, सांसद मोहम्मदरेजा रेजाई कूची के हवाले से कहा कि संसद इस प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने पर काम कर रही है।
उनके हवाले से कहा गया, "हम इसकी सुरक्षा प्रदान करते हैं, और यह स्वाभाविक है कि जहाजों और तेल टैंकरों को इस तरह का शुल्क देना चाहिए।" लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस ने इसे "वास्तविक 'टोल बूथ' व्यवस्था" कहा। लॉयड्स लिस्ट ने चीन की मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा, “हालांकि सभी जहाज सीधे तौर पर टोल नहीं दे रहे हैं, लेकिन कम से कम दो जहाजों ने ऐसा किया है और भुगतान युआन में किया गया है।”
भारत समेत मित्र देशों को मिली छूट
इस बीच, ईरान ने घोषणा की है कि वह होर्मुज में भारत सहित पांच मित्र देशों के जहाजों पर कोई नाकाबंदी नहीं लगाएगा। भारत के अलावा, रूस, चीन, पाकिस्तान और इराक के जहाजों को भी इस संघर्ष-ग्रस्त जलमार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई है। ईरान के सरकारी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद नहीं है, क्योंकि कई ऐसे देशों के जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति दी गई है जिनके साथ ईरान के मैत्रीपूर्ण संबंध हैं।
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