Hamas leader Nazi Zaheer meets Lashkar-e-Taiba terrorists in Pakistan पाकिस्तान में हमास नेता, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से मिला; पहलगाम जैसे हमले की प्लानिंग तो नहीं?, International Hindi News - Hindustan
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पाकिस्तान में हमास नेता, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से मिला; पहलगाम जैसे हमले की प्लानिंग तो नहीं?

2025 में पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले लश्कर कमांडर अबू मूसा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने गाजा और कश्मीर की तुलना करते हुए कहा था कि जिहाद ही एकमात्र समाधान है। वीडियो में उसे यह भी कहते सुना गया कि हमें आजादी चाहिए, भीख नहीं।

Wed, 7 Jan 2026 05:32 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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पाकिस्तान में हमास नेता, लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों से मिला; पहलगाम जैसे हमले की प्लानिंग तो नहीं?

अमेरिकी दबाव में पाकिस्तान गाजा में सेना भेजेगा कि नहीं, इस पर अभी कुछ भी कहना मुश्किल है, लेकिन हमास के नेता पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। हमास नेता खालिद मशाल के विशेष प्रतिनिधि नाजी जहीर को पाकिस्तान में देखा गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें पाकिस्तानी पंजाब के गुजरांवाला में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि हमास नेता की पाकिस्तान यात्रा पहली नहीं है। 2025 में भी इसी तरह की यात्रा हुई थी, उसके बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था।

गौरतलब है कि पिछले साल पहलगाम हमले से कुछ दिन पहले लश्कर कमांडर अबू मूसा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने गाजा और कश्मीर की तुलना करते हुए कहा था कि जिहाद ही एकमात्र समाधान है। वीडियो में उसे यह भी कहते सुना गया कि हमें आजादी चाहिए, भीख नहीं। फिलिस्तीन और कश्मीर के दुश्मन हमारे दुश्मन हैं। जब हम इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर देंगे, तो कश्मीर में भी ऐसा ही करेंगे।

जहीर 2025 में भी कर चुका है मंच शेयर

मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट (MEMRI) की सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, जहीर पहले भी जैश-ए-मुहम्मद (JeM) जैसे आतंकवादी संगठनों के नेताओं के साथ मंच साझा कर चुका है। हाल ही में सामने आए वीडियो में एक मॉडरेटर उन्हें मंच पर आमंत्रित करता दिख रहा है और हॉल में मौजूद लोग 'नारा-ए-तकबीर! अल्लाहु अकबर!' के नारे लगा रहे हैं। खबरों के अनुसार, पाकिस्तान की ISI गुप्त रूप से हमास के सदस्यों को प्रशिक्षण दे रही है।

अमेरिका के दबाव में पाकिस्तान है मजबूर

हमास नेता नाजी जहीर को पाकिस्तान में देखे जाने की यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब इस्लामाबाद पर गाजा में स्थिरता लाने वाली अंतरराष्ट्रीय सेना में सैनिक भेजने के लिए अमेरिका का दबाव है। सैन्य सहायता के अलावा अमेरिका यह भी चाहता है कि इस्लामाबाद युद्धग्रस्त फिलिस्तीनी क्षेत्र में पुनर्निर्माण और आर्थिक सुधार की देखरेख में शामिल हो। दिसंबर 2025 में रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर आगामी हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के लिए वाशिंगटन जाएंगे। छह महीनों में यह उनकी तीसरी मुलाकात होगी, जिसमें गाजा सेना पर चर्चा प्रमुख विषय होने की संभावना है।

गाजा मिशन में शामिल होने से हिचकिचा रही पाक सरकार

पाकिस्तानी सरकार इस मिशन में शामिल होने से हिचकिचा रही है, क्योंकि उसे डर है कि इससे वह संघर्ष में घसीटी जा सकती है और फिलिस्तीन का समर्थन करने वाली जनता में आक्रोश भड़क सकता है। गाजा में सैनिक भेजना शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के नेतृत्व के लिए गंभीर राजनीतिक खतरा पैदा कर सकता है। नवंबर 2025 में पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने संकेत दिया था कि पाकिस्तान शांतिरक्षा कर्तव्यों के लिए सेना भेजने पर विचार कर सकता है, लेकिन स्पष्ट किया कि हमास को निरस्त्र करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है।

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