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एपस्टीन की साथी का वो खुफिया महल, जिसे खरीदने में स्विस बैंक ने की मदद; होश उड़ा देगी कहानी

जानिए कैसे जेफ्री एपस्टीन की सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल ने स्विस बैंक UBS की मदद से अपना गुप्त ठिकाना 'टक्ड अवे' खरीदा और कैसे FBI ने उसे गिरफ्तार किया।

Sat, 28 March 2026 11:06 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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एपस्टीन की साथी का वो खुफिया महल, जिसे खरीदने में स्विस बैंक ने की मदद; होश उड़ा देगी कहानी

अमेरिका के एक शांत ग्रामीण इलाके में बना आलीशान फार्महाउस 'Tucked Away' चर्चा में है। इसके नाम से ही साफ होता है कि यह जगह किसी ऐसे शख्स के लिए थी जो दुनिया की नजरों से दूर रहना चाहता हो। लेकिन इस घर के पीछे छुपी कहानी बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल यह घर किसी आम व्यक्ति का नहीं बल्कि कुख्यात सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क से जुड़ी महिला घिस्लेन मैक्सवेल का ठिकाना था। मैक्सवेल कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की मुख्य सहयोगी थी। 156 एकड़ में फैला यह आलीशान फार्महाउस मैक्सवेल का आखिरी गुप्त ठिकाना था जहां से उसे जुलाई 2020 में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन कहानी सिर्फ इस घर की नहीं है, बल्कि उस पैसे की है जिससे यह घर खरीदा गया और उन बैंकों की है जिन्होंने इस पैसे को छिपाने में अनजाने में या जानबूझकर मदद की।

एक झूठी पहचान और हॉलीवुड जैसी सुरक्षा

दिसंबर 2019 में इस एकांत संपत्ति को 1.1 मिलियन डॉलर कैश देकर खरीदा गया था। इस घर को खरीदने के लिए घिस्लेन मैक्सवेल ने अपनी पहचान छुपाई। उसने खुद को 'जैनेट मार्शल' नाम की एक पत्रकार बताया, जो शांति और एकांत की तलाश में थी। जब एफबीआई ने ब्रैडफोर्ड शहर के बाहरी इलाके में आधे मील लंबे कच्चे रास्ते के अंत में स्थित इस घर पर छापा मारा, तो वहां का नजारा किसी जासूसी फिल्म जैसा था। मैक्सवेल ने अपने मोबाइल फोन को एल्युमिनियम फॉयल में लपेट कर रखा था ताकि उसे ट्रैक न किया जा सके। साथ ही, उसकी सुरक्षा के लिए ब्रिटिश सेना के पूर्व जवानों की एक टीम तैनात थी।

स्विस बैंक UBS और पैसों का मायाजाल

अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से एक चौंकाने वाला सच सामने आया। इस घर को खरीदने के लिए जो पैसा इस्तेमाल हुआ, वह स्विस बैंकिंग दिग्गज UBS के जरिए भेजा गया था। अगस्त 2019 में, अमेरिकी जांचकर्ताओं ने बच्चों की तस्करी की जांच के सिलसिले में UBS बैंक को एक गुप्त कानूनी समन भेजा था। इसमें मैक्सवेल के सभी वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी गई थी। इसके कुछ ही दिनों बाद, 10 अगस्त को जेफ्री एपस्टीन की जेल में मौत हो गई।

कायदे से बैंक को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए था। 1 अगस्त को UBS ने मैक्सवेल को ईमेल करके बताया कि वे एक महीने के भीतर उसका खाता बंद कर देंगे, लेकिन कोई कारण नहीं बताया। हैरानी की बात यह है कि समन मिलने के तीन महीने बाद, नवंबर 2019 में UBS ने मैक्सवेल से जुड़े एक खाते से लगभग 8 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए। यह पैसा ट्रस्ट्स और बैंकों के एक जटिल जाल से होते हुए अंततः उस गुप्त घर को खरीदने में इस्तेमाल हुआ।

पैसे कैसे घूमे?

  • 12 नवंबर 2019: UBS ने 'मोंटपेलियर ट्रस्ट' (जिसे मैक्सवेल ने बनाया था और जिसके ट्रस्टी उसके तत्कालीन पति स्कॉट बोर्गेर्सन थे) से पैसा निकाला।
  • यह पैसा TD Ameritrade के एक खाते में गया, जिसकी देखरेख बोर्गेर्सन कर रहे थे।
  • वहां से यह पैसा एक अन्य ट्रस्ट में गया, जिसने न्यू हैम्पशायर का वह घर खरीदा।
  • यह सब तब हो रहा था जब UBS अमेरिकी एजेंसियों (FBI) के साथ मैक्सवेल की जांच के कागजातों पर चर्चा कर रहा था।

अमीरों के लिए बैंकों के अलग नियम?

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के वित्तीय अपराध विशेषज्ञ, टॉम किर्चमायर कहते हैं कि जब बैंकों को किसी गुप्त आपराधिक जांच के बारे में बताया जाता है तो वे अक्सर ऐसे संदिग्ध ग्राहकों के पैसे को रोकने के बहाने खोजते हैं। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ।

सीनेटर रॉन विडेन, जिन्होंने एपस्टीन के काले धन की जांच की है वे इसका कड़वा सच बताते हैं। वे कहते हैं- एपस्टीन और उसके जैसे अन्य अरबपति अपराधियों के मामले में हमने देखा है कि बैंक अक्सर आंखें मूंद लेते हैं। वे जानते हैं कि ये बेहद अमीर ग्राहक कभी भी अपना करोड़ों का फंड लेकर किसी दूसरे बैंक में जा सकते हैं। सिर्फ UBS ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि डॉयचे बैंक और मॉर्गन स्टेनली जैसे बड़े बैंकों ने भी 2008 में एपस्टीन के दोषी करार दिए जाने के बाद भी उसे अपनी सेवाएं देना जारी रखा था। इसके अलावा, ब्रिटिश बैंक बार्कलेज ने भी मैक्सवेल का पैसा संभाला था। एपस्टीन की गिरफ्तारी के कुछ हफ्तों बाद ही मैक्सवेल ने अपने बार्कलेज खाते से 6 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम UBS में ट्रांसफर की थी ताकि वह अपने क्रेडिट कार्ड के बिल भर सके।

संदेह की रिपोर्ट (SAR) और मैक्सवेल की संपत्ति का राज

अक्टूबर 2020 तक मैक्सवेल और उसके पति की कुल संपत्ति लगभग 22.5 मिलियन डॉलर आंकी गई थी। इसमें से अधिकतर पैसा 2015 में मैनहट्टन (न्यूयॉर्क) में 15 मिलियन डॉलर में बेचे गए एक आलीशान घर से आया था, जो सीधे UBS के खातों में गया।

बैंकों को किसी भी संदिग्ध लेन-देन पर 30 दिनों के भीतर 'सस्पीशियस एक्टिविटी रिपोर्ट' (SAR) दाखिल करनी होती है। जांचकर्ताओं के बीच हुए ईमेल से पता चला कि एक SAR में यह अंदेशा जताया गया था कि न्यू हैम्पशायर का यह घर मानव तस्करी की कमाई से खरीदा गया है। हालांकि, UBS ने मैक्सवेल के 18 मिलियन डॉलर के लेन-देन की रिपोर्ट उसकी गिरफ्तारी के बाद दाखिल की थी।

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ऐसे हुआ कहानी का अंत

2021 में मैक्सवेल को किशोर लड़कियों को फंसाने, उनका शोषण करने और एपस्टीन की मदद करने के जुर्म में दोषी ठहराया गया। आज वह 20 साल की जेल की सजा काट रही है। जिस 156 एकड़ के 'टक्ड अवे' एस्टेट में उसने दुनिया की नजरों से छिपने की कोशिश की थी, वह उसके पकड़े जाने के बाद बिक चुका है और अब फिर से बाजार में बिकने के लिए तैयार है- जिसे रियल एस्टेट एजेंट्स आज एकांत पसंद करने वालों का सपना कहकर प्रचारित कर रहे हैं।

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