Four minority community candidate elected to Bangladesh parliament how many hindus बांग्लादेशी संसद में होंगे सिर्फ 4 अल्पसंख्यक, कितने हिंदू? तारिक रहमान ने दिया है एकता का नारा, International Hindi News - Hindustan
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बांग्लादेशी संसद में होंगे सिर्फ 4 अल्पसंख्यक, कितने हिंदू? तारिक रहमान ने दिया है एकता का नारा

बांग्लादेश के आम चुनावों में भारी जीत के बाद रहमान ने कहा है कि लोगों के रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रीय एकता सामूहिक ताकत है, जबकि विभाजन कमजोरी।

Mon, 16 Feb 2026 09:06 AMJagriti Kumari पीटीआई, ढाका
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बांग्लादेशी संसद में होंगे सिर्फ 4 अल्पसंख्यक, कितने हिंदू? तारिक रहमान ने दिया है एकता का नारा

बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनावों के नतीजे सामने आ चुके हैं। चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को बंपर जीत मिली है, जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे, रहमान का PM बनना तय माना जा रहा है। उनकी पार्टी को गुरुवार के चुनावों में 209 सीटों के साथ संसद में दो-तिहाई बहुमत मिला है। हालांकि अल्पसंख्यकों की बात करें तो उन्हें चुनाव में महज 4 सीटें मिली हैं। आम चुनावों में विजयी चारों अल्पसंख्यक BNP से हैं।

हिंदुओं की बात की जाए तो नए बांग्लादेशी संसद में उनका प्रतिनिधित्व ना के बराबर होगा। चुनाव में महज 2 हिंदू उम्मीदवारों को जीत मिल पाई। इन उम्मीदवारों के नाम गोयेश्वर चंद्र रॉय और निताई रॉय चौधरी हैं, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे थे। दोनों ने अपनी अपनी सीट पर जमात के उम्मीदवारों को हराकर जीत हासिल की है। जानकारी के मुताबिक जहां रॉय BNP की पॉलिसी बनाने वाली स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैं, वहीं चौधरी पार्टी के प्रमुख वाइस प्रेसिडेंट में से एक होने के साथ-साथ इसके टॉप लीडरशिप के सीनियर सलाहकार और रणनीतिकार भी हैं। इसके अलावा तीसरे विजयी अल्पसंख्यक उम्मीदवार सचिन प्रू हैं, जो BNP के सीनियर लीडर है। वे बौद्ध धर्म से आते हैं। वहीं चौथे माइनॉरिटी कैंडिडेट, दीपेन दीवान भी बौद्ध धर्म से आते हैं और उन्होंने दक्षिण-पूर्वी रंगमती पहाड़ी जिले की सीट से जीत हासिल की है।

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79 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने लड़ा था चुनाव

गौरतलब है कि 17 करोड़ जनसंख्या वाले बांग्लादेश में 8 फीसदी आबादी हिंदू है। देश के चुनाव आयोग के मुताबिक हालिया चुनावों में 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था, जिनमें 10 महिलाएं शामिल थीं। बांग्लादेश की कम्युनिस्ट पार्टी (CPB) ने सबसे ज्यादा 17 अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। इसके बाद लेफ्ट-विंग बांग्लादेश साम्यबादी दल (BSD) ने आठ, बांग्लादेश माइनॉरिटी जनता पार्टी (BMJP) ने आठ और लेफ्ट-विंग बांग्लादेश समाजवादी दल (BASOD) ने सात अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। BNP ने छह और जातीय पार्टी ने चार अल्पसंख्यक उम्मीदवारों को उतारा था। इसके अलावा जमात-ए-इस्लामी ने इतिहास में पहली बार एक माइनॉरिटी हिंदू कैंडिडेट को नॉमिनेट किया था।

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तारिक रहमान ने दिया है भरोसा

बता दें कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के शासन काल में बांग्लादेश अल्पसंख्यकों के लिए नरक समान बन गया था। यहां हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले, हिंसा और क्रूरता की खबरें लगातार सामने आ रही थीं। अब बीएनपी के अध्यक्ष तारिक रहमान ने बांग्लादेश में किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देने की बात कही है। रहमान जल्द ही अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे।

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संसदीय चुनावों में भारी जीत के एक दिन बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 60 वर्षीय रहमान ने कहा, "हमारे रास्ते और विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन देश के हित में हमें एकजुट रहना होगा। मैं दृढ़ता से मानता हूं कि राष्ट्रीय एकता हमारी सामूहिक ताकत है, जबकि विभाजन हमारी कमजोरी।" रहमान ने कहा कि शांति और कानून-व्यवस्था किसी भी कीमत पर बनाए रखनी होगी।

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