Dwelling in US over tariff Customs says 10 percent Trump admin says it to increase 15 10 या 15 फीसदी, टैरिफ को लेकर अमेरिका में ही ठनी; आदेश पर दो विभागों में द्वंद्व, International Hindi News - Hindustan
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10 या 15 फीसदी, टैरिफ को लेकर अमेरिका में ही ठनी; आदेश पर दो विभागों में द्वंद्व

अमेरिका 10 फीसदी टैरिफ लगाएगा या 15 फीसदी, इसको लेकर अंदरूनी रार देखने को मिल रही है। एक तरफ अमेरिकी कस्टम विभाग ने 10 फीसदी टैरिफ रोल आउट कर दिया है। वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह इसे 15 फीसदी तक बढ़ाने पर काम कर रहा है।

Tue, 24 Feb 2026 09:59 PMDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वॉशिंगटन
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10 या 15 फीसदी, टैरिफ को लेकर अमेरिका में ही ठनी; आदेश पर दो विभागों में द्वंद्व

अमेरिका 10 फीसदी टैरिफ लगाएगा या 15 फीसदी, इसको लेकर अंदरूनी रार देखने को मिल रही है। एक तरफ अमेरिकी कस्टम विभाग ने 10 फीसदी टैरिफ रोल आउट कर दिया है। वहीं, ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह इसे 15 फीसदी तक बढ़ाने पर काम कर रहा है। मंगलवार को वाइट हाउस के अधिकारी ने कहाकि 15 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले पर ट्रंप का मन बिल्कुल नहीं बदला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को 15 फीसदी टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया था। इसके पहले उन्होंने 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 122 के तहत नए 10 फीसदी टैरिफ की औपचारिक घोषणा की थी। यह टैरिफ अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियों अधिनियम (IEEPA), 1977 के तहत पहले के शुल्कों की जगह लेंगे। वाइट हाउस के एक अधिकारी ने बढ़ाए गए 15 फीसदी टैरिफ की अधिसूचना की समय-सीमा पर विस्तार से कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहाकि इस पर अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। गौरतलब है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आईईईपीए के तहत लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ को अवैध करार दिया है।

अमेरिकी की कस्टम नोटिस में क्या
अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसीस ने मंगलवार को एक नोटिस जारी की। इस नोटिस को 20 फरवरी, 2026 राष्ट्रपति के आदेश का मार्गदर्शन करने वाला बताया गया है। इस नोटिस में कहा गया है कि अपवाद वाले उत्पादों को छोड़कर, सभी आयात पर 10 फीसदी का टैरिफ लागू होगा। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा 15 फीसदी के टैरिफ के ऐलान के बाद अमेरिकी ट्रेड पॉलिसी में कंफ्यूजन की स्थिति बन गई है। कस्टम्स नोटिस में भी यह स्पष्ट नहीं है कि आखिर टैरिफ रेट 10 फीसदी ही क्यों रखा गया है।

एक रिपोर्ट में पहले व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि 15 फीसदी का टैरिफ बाद में आएगा। धारा 122 के तहत, अधिकतम लगाई जा सकने वाली टैरिफ 15 फीसदी हो सकती है। यह ड्यूटी 150 दिनों तक बनी रहती है, जब तक कि अमेरिकी कांग्रेस इसे बढ़ाने का निर्णय नहीं लेती। कानून राष्ट्रपति को बड़े और गंभीर भुगतान संतुलन घाटों और मूलभूत अंतरराष्ट्रीय भुगतान समस्याओं को पूरा करने के लिए ड्यूटी लगाने की अनुमति देता है। अमेरिकी कस्टम्स ने नई टैरिफ की वसूली देर रात शुरू कर दी, जबकि पिछली आईईईइपीए टैरिफ की वसूली रद्द कर दी गई।

ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट पर क्या कहा
शुक्रवार को आए फैसले के बाद ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की आलोचना की थी। ट्रंप ने कहा था कि वह अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के उन न्यायाधीशों को लेकर बेहद शर्मिंदा हैं जिन्होंने शुल्क के संबंध में अत्यंत निराशाजनक फैसला दिया है। ट्रंप ने हालांकि स्वीकार किया था कि उन्होंने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके मामलों को सरल बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उनके पास अन्य विकल्प भी हैं, लेकिन उन विकल्पों में अधिक समय लगेगा।

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उनके भाषण का यह हिस्सा बिल्कुल सटीक था। उनके ऐतिहासिक आर्थिक एजेंडे के लिए समय तेजी से गुजर रहा है और अरबों डॉलर के रिफंड का सवाल सामने आ रहा है, ऐसे में ट्रंप आगे क्या कर सकते हैं?

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