Donald Trump writes letter to Iran supreme leader over advancing nuclear programme ट्रंप के निशाने पर अब ईरान; परमाणु हथियारों को लेकर भेजा पत्र, बोले- यह भयानक होगा, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप के निशाने पर अब ईरान; परमाणु हथियारों को लेकर भेजा पत्र, बोले- यह भयानक होगा

  • डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में तेजी को लेकर उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को पत्र भेजा है। हालांकि, खामनेई की ओर से इसकी अभी पुष्टि नहीं की गई है।

Fri, 7 March 2025 09:35 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रंप के निशाने पर अब ईरान; परमाणु हथियारों को लेकर भेजा पत्र, बोले- यह भयानक होगा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बड़ी पहल करते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में तेजी को लेकर उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई को पत्र भेजा है। हालांकि, खामनेई की ओर से इसकी अभी पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस न्यूज की ओर से प्रसारित इंटरव्यू में यह टिप्पणी की। ट्रंप ने कहा, "मैंने उन्हें एक पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है, 'मुझे उम्मीद है कि आप बातचीत करेंगे क्योंकि अगर हमें सैन्य रूप से आगे बढ़ना पड़ा, तो यह एक भयानक स्थिति होगी'।"

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राष्ट्रपति ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने यह पत्र कल भेजा था। यह साक्षात्कार गुरुवार को किया गया था। व्हाइट हाउस ने ट्रंप की टिप्पणियों की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने ईरान के नेताओं को परमाणु समझौते पर बातचीत करने के लिए चिट्ठी भेजी है। ट्रंप का पूरा इंटरव्यू रविवार को प्रसारित किया जाएगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने ट्रंप की टिप्पणियों से जुड़ी एक खबर दी। हालांकि, 85 वर्षीय खामेनेई के कार्यालय से तत्काल कोई बयान नहीं आया।

परमाणु समझौता में अहम भूमिका निभाने वाले का इस्तीफा

गौरतलब है कि ईरान के पूर्व विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने बीते दिनों सरकार से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि कट्टरपंथियों के दबाव के आगे झुकते हुए उन्होंने यह फैसला लिया। जरीफ ने अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ 2015 में परमाणु समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई थी। जरीफ के इस्तीफे से यह संकेत मिलता है कि ईरान पश्चिम के साथ अपने संबंधों से तेजी से पीछे हट रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप देश पर लगाए गए प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहे हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)

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