घड़ी की टिक-टिक शुरू, हरकत में आ जाओ, वरना कुछ नहीं बचेगा; ईरान को ट्रंप की धमकी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के लिए समय बीत रहा है। उन्हें जल्दी ही फैसला ले लेना चाहिए। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा।

US iran war update: पश्चिम एशिया में जारी संकट अब और भी ज्यादा खतरनाक होने की आशंका बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि उसे शांति समझौते को लेकर जल्दी ही फैसला ले लेना चाहिए। उन्होंने लिखा, "ईरान के लिए समय तेजी के साथ बीत रहा है। उन्हें जल्दी ही इस पर फैसला ले लेना चाहिए नहीं तो बाद में उनके पास कुछ नहीं बचेगा। समय ही सबसे अहम है।"
अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में इजरायली प्रधानमंत्री की साथ उनकी बातचीत की खबरें सामने आई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बातचीत में दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने ईरान के साथ आगे युद्ध की रणनीति पर चर्चा की थी।
इससे पहले, आज ईरानी मीडिया ने बताया कि अमेरिका की तरफ से एक पांच सूत्रीय सीजफायर समझौते का प्रस्ताव आया है। इसमें ईरान के इनरिच्ड यूरेनियम को सौंपने और केवल एक न्यूक्लियर रिएक्टर रखने की बात है। इसके बदले में भी अमेरिका ईरान के एसेट्स छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी तरफ पाकिस्तान भी दोनों देशों के बीच में शांति समझौता करवाने की कोशिश में लगा हुआ है। ईरानी मीडिया के मुताबिक पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी रविवार को तेहरान पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने सीजफायर के सिलसिले में ईरानी अधिकारियों से बात की।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए हमले के बाद पश्चिम एशिया का यह संकट शुरू हुआ था। इसके बाद अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमला करते रहे, इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कुवैत, सऊदी अरब,बहरीन, यूएई समेत कई देश ईरान के हमलों की चपेट में आ गए थे। ईरान ने तुरंत ही ऐक्शन लेते हुए होर्मुज को बंद कर दिया। इसकी वजह से पूरी दुनिया ऊर्जा संकट की चपेट में आ गई। अमेरिका भी ज्यादा दिनों तक इस दबाव को नहीं झेल पाया और फिर उसने पाकिस्तान के माध्यम से सीजफायर कर लिया। हालांकि, इसके बाद भी दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई।
इस्लामाबाद में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच में बातचीत कोशिश हुई, लेकिन कोई मतलब सामने नहीं आया। इस बीच ट्रंप लगातार ईरान पर हमला करने की धमकी देते रहे। दूसरी तरफ अपने दशकों पुराने अमेरिकी डर का सामना करने के बाद ईरान और भी ज्यादा खतरनाक और साहसी नजर आने लगा। ईरान की तरफ से साफ कर दिया गया कि वह किसी भी हालात में अमेरिकी शर्तों पर समझौता नहीं करेगा। अब हालात यह हैं कि अमेरिका की तरफ से लगातार ईरान पर हमला करने के संकेत दिए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप ने अपनी चीन यात्रा के दौरान भी अपने समकक्ष शी जिनपिंग से इस पर चर्चा की है। क्योंकि इस यात्रा के बाद ट्रंप ताइवान पर चीन की नीति पर नरम होते नजर आए हैं।
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