Donald Trump threat of attack scares Israel Talks to be held in Geneva डोनाल्ड ट्रंप के हमले की धमकी से डरा ईरान? अब जिनेवा में होने जा रही बातचीत, International Hindi News - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप के हमले की धमकी से डरा ईरान? अब जिनेवा में होने जा रही बातचीत

डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बीच ईरान के साथ जिनेवा में वार्ता होने जा रही है। ओमान की मध्यस्थता में यह वार्ता होगी। अब तक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का सार्थक परिणाम नहीं निकल पाया है।

Tue, 17 Feb 2026 09:19 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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डोनाल्ड ट्रंप के हमले की धमकी से डरा ईरान? अब जिनेवा में होने जा रही बातचीत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लगातार यही धमकी दे रहे हैं कि अगर उन्होंने न्यूक्यिर डील नहीं की तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इसी बीच दोनों देशों में दूसरे चरण की वार्ता जिनेवा में शुरू होने वाली है। ओमान की मध्यस्थता में यह वार्ता होनी है। ईरान का कहना है कि वॉशिंगटन को परमाणु कार्यक्रम को लेकर वास्तविक परिदृश्य को देखते हुए कोई फैसला करना चाहिए। जानकारों का कहना है कि ईरान को अमेरिका के हमले का भी डर है। ऐसे में ओमान की मध्यसत्थता में जिनेवा में होने वाली वार्ता के लिए वह तैयार है।

ट्रंप ने इजरायल से किया हमले का वादा

ओमान का कहा है कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को टालने के लिए जिनेवा में वार्ता शुरू हो रही है। इससे पहले भी ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता शुरू हुई थी। जून में अमेरिका के हमले के बाद यह वार्ता धरी की धरी रह गई। एक दिन पहले ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से वादा किया है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत असफल होती है, तो वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर इज़रायली हमलों का समर्थन करेंगे। अमेरिकी समाचार पोर्टल सीबीएस न्यूज ने यह दावा किया है।

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सीबीएस न्यूज़ की ओर से रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने यह बात दिसंबर में फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान कही, जिसमें इस मामले से जुड़े दो स्रोतों का ज़िक्र है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सैन्य और खुफिया अधिकारियों ने इस बात पर भी चर्चा की है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल अवसंरचना के खिलाफ संभावित अभियान में इज़रायल की मदद कैसे कर सकता है। इसमें इज़रायली लड़ाकू विमानों के लिए हवा में ईंधन भरने देना और संबंधित क्षेत्रीय देशों से उनके एयरस्पेस में दाखिल होने की इजाज़त मांगना शामिल है।

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जॉर्डन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं देंगे, न ही ईरान को दूसरे देशों पर हमले करने देंगे।

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इस बीच, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को कहा कि वह ईरान के साथ तनाव को कूटनीतिक तरीकों से सुलझाना पसंद करेंगे। अमेरिका-ईरान परमाणु बातचीत का दूसरा दौर मंगलवार को जिनेवा में होने की उम्मीद है। श्री रुबियो ने कहा कि अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और श्री ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर बातचीत में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे। (वार्ता से इनपुट्स के साथ)

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