Donald Trump says Without USA NATO is a paper tiger Nuclear Powered Iran कायरों हम तुम्हें याद रखेंगे, NATO पर क्यों भड़क उठे डोनाल्ड ट्रंप; बताया कागजी शेर, International Hindi News - Hindustan
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कायरों हम तुम्हें याद रखेंगे, NATO पर क्यों भड़क उठे डोनाल्ड ट्रंप; बताया कागजी शेर

ट्रंप ने लिखा, 'यूएस के बिना नाटो कागजी शेर है, क्योंकि सदस्य देश परमाणु शक्ति वाले ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं हुए। वे तेल की भारी कीमतों की शिकायत करते हैं, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को खोलने में मदद नहीं करना चाहते।'

Fri, 20 March 2026 08:37 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कायरों हम तुम्हें याद रखेंगे, NATO पर क्यों भड़क उठे डोनाल्ड ट्रंप; बताया कागजी शेर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने में मदद न करने के लिए नाटो सहयोगियों को कायर बताया है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका के बिना नाटो कागजी शेर है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि सहयोगी देश ईरान के परमाणु खतरे को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे, लेकिन अब जब अमेरिका-इजरायल ने सैन्य रूप से यह लड़ाई जीत ली है और बहुत कम जोखिम के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलना आसान काम है, तब भी वे मदद नहीं कर रहे।

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डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेल की भारी कीमतों की शिकायत करने वाले ये देश अब भी सहायता से मुंह मोड़ रहे हैं, इसलिए वे कायर हैं और अमेरिका इसे याद रखेगा। यह विवाद तब उभरा है जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक कर दिया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार का अहम चोकपॉइंट है, जहां से सामान्य समय में दुनिया का 5वां हिस्सा कच्चा तेल और एलपीजी गुजरता है। 28 फरवरी को यूएस और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर बमबारी शुरू की, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता सहित कई शीर्ष अधिकारी मारे गए थे।

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कमर्शियल शिपिंग कैसे हुई ठप

ईरान ने गल्फ क्षेत्र में जवाबी हमले किए, जिससे कमर्शियल शिपिंग ठप हो गई। दुनिया भर में तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि US को मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन बाद में सहयोगियों पर दबाव डाला कि वे युद्धपोत भेजकर इस अहम मार्ग को सुरक्षित करें। हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान सहित 6 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शक्तियों ने कहा कि वे उचित प्रयासों में योगदान देने को तैयार हैं, लेकिन उन्होंने किसी औपचारिक मिशन में भागीदारी के लिए हामी नहीं भरी। जर्मनी और इटली जैसे अन्य सहयोगियों ने मध्य-पूर्व युद्ध में युद्धविराम होने तक कोई कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।

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ट्रंप की क्या है शिकायत

डोनाल्ड ट्रंप ने शिकायत की कि इनमें से किसी देश से भी सलाह नहीं ली गई थी, जबकि अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला शुरू किया। सहयोगी देशों का तर्क है कि यह युद्ध बिना परामर्श के शुरू हुआ, इसलिए वे इसमें सीधे शामिल नहीं होना चाहते। यूरोपीय देशों का मानना है कि ट्रंप की नीतियां और अपमानजनक बयान उन्हें सहयोग से दूर कर रहे हैं। ट्रंप की यह आलोचना नाटो गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सहयोगी मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य बहुत बुरा हो सकता है। तेल की भारी कीमतों से प्रभावित देशों को अब अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ रहा है, लेकिन ट्रंप का कहना है कि वे जोखिम कम होने पर भी आगे नहीं आ रहे।

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