Donald Trump Critisizes Pope Leo posts image depicting himself as Jesus राजनीति मत करो… अब पोप लियो के पीछे पड़े डोनाल्ड ट्रंप, खुद को बता दिया ईसा मसीह, International Hindi News - Hindustan
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राजनीति मत करो… अब पोप लियो के पीछे पड़े डोनाल्ड ट्रंप, खुद को बता दिया ईसा मसीह

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते, तो पोप लियो का चयन ही नहीं होता। ट्रंप ने कहा कि उन्हें सिर्फ इसलिए चुना गया क्योंकि वह अमेरिकी हैं।

Mon, 13 April 2026 10:22 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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राजनीति मत करो… अब पोप लियो के पीछे पड़े डोनाल्ड ट्रंप, खुद को बता दिया ईसा मसीह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च नेता पोप लियो के पीछे पड़ गए हैं। ट्रंप ने बीते दिनों पोप लियो की जमकर आलोचना की है और अलग-अलग बयानों में उनपर निशाना साधा है। ट्रंप ने यह तक कह दिया है कि अगर वे राष्ट्रपति पद पर नहीं होते तो पोप को कभी इस पद के लिए चुना ही नहीं जाता। जब यह सब भी कम पड़ गया तब अब ट्रंप ने अपने आप को ईसा मसीह बताया है।

पोप लियो चौदहवें पर तीखा हमला करने के तुरंत बाद उन्होंने अपनी एक AI जनरेटेड तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह चमत्कार करते नजर आ रहे हैं। यह तस्वीर बाइबिल में बताए गए उस चमत्कार जैसी है, जिसमें ईसा मसीह ने एक मृत व्यक्ति को फिर से जीवित किया था। इस तस्वीर में ट्रंप एक व्यक्ति के सिर पर हाथ रखते दिखाई दे रहे हैं। आसपास अमेरिकी झंडा, युद्धपोत और एंजेल्स भी दिख रहे हैं।

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पोप पर लगाए आरोप

इससे पहले ट्रंप ने पोप लियो पर जमकर हमला बोला था। ट्रंप ने कहा कि उनके बयान राजनीति से प्रभावित हैं। ट्रुथ सोशल पर लिखे एक लंबे पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते, तो पोप लियो का चयन ही नहीं होता। उन्होंने कहा कि पोप को सिर्फ इसलिए चुना गया क्योंकि वह अमेरिकी हैं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि पोप ईरान जैसे मुद्दों पर नरम रुख रखते हैं, खासकर परमाणु हथियारों को लेकर।

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ट्रंप ने आगे कहा कि उन्हें ऐसा पोप नहीं चाहिए जो ईरान के परमाणु हथियार रखने को सही माने या अमेरिका की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करे। उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जिसे लगता हो कि ईरान के पास परमाणु हथियार होना ठीक है। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जिसे अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला करना भयानक लगता हो, जबकि वेनेजुएला संयुक्त राज्य अमेरिका में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भेज रहा था। इससे भी बुरा यह कि वेनेजुएला अपनी जेलों से हत्यारों और मादक पदार्थों के तस्करों को हमारे देश में भेज रहा था। मुझे ऐसा पोप नहीं चाहिये जो संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति की आलोचना करे, जबकि मैं तो केवल वही कर रहा हूं, जिसके लिये मुझे भारी बहुमत से चुना गया है।”

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पोप ने की थी युद्ध की आलोचना

यह पूरा मामला दोनों नेताओं के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। पोप लियो चौदहवें पहले अमेरिकी मूल के पोप हैं और वह पहले भी अमेरिका की नीतियों और विदेश में सैन्य दखल को लेकर चिंता जता चुके हैं, साथ ही शांति और बातचीत की बात करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक बयान में कहा था स्वयं और पैसे की पूजा और शक्ति प्रदर्शन बंद होने चाहिए। इसे अमेरिका की ओर इशारा माना गया।

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