Donald Trump called and this fear led Netanyahu to agree to a ceasefire in Lebanon ट्रंप का आया फोन, फिर इस डर की वजह से लेबनान से सीजफायर के लिए माने नेतन्याहू, International Hindi News - Hindustan
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ट्रंप का आया फोन, फिर इस डर की वजह से लेबनान से सीजफायर के लिए माने नेतन्याहू

ईरान पर सीजफायर को लेकर हो रही चर्चा के दौरान नेतन्याहू ने लेबनान के साथ अपनी लड़ाई को क्षेत्रीय विवाद बताते हुए इसे सीजफायर से दूर रखने की अपील की थी। ट्रंप ने उनकी इस बात को माना भी था, लेकिन ईरान द्वारा सख्ती दिखाने के बाद ट्रंप इस पर राजी हुए।

Fri, 10 April 2026 10:42 PMUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ट्रंप का आया फोन, फिर इस डर की वजह से लेबनान से सीजफायर के लिए माने नेतन्याहू

पश्चिम एशिया में ईरान संकट अब सुलझने की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि, अभी भी कुछ मुद्दे ऐसे हैं, जिनको लेकर दोनों पक्षों के बीच में विवाद बना हुआ है। खासतौर पर लेबनान के मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को नेतन्याहू द्वारा लेबनान के साथ सीजफायर घोषणा के पहले उनके और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर लेबनान के मुद्दे पर बात हुई थी। सूत्रों के मुताबिक, नेतन्याहू को यह लगा कि यदि उन्होंने लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू नहीं की, तो ट्रंप खुद आगे बढ़कर एकतरफा युद्धविराम ढांचे की घोषणा कर सकते हैं। ऐसे में उन्होंने खुद ही आगे बढ़कर सीजफायर की चर्चा का ऐलान कर दिया।

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों वैश्विक नेताओं के बीच में यह चर्चा ऐसे समय में हुई थी, जब इजरायल लेबनान में युद्ध विराम रोकने से साफ इनकार कर रहा था, जबकि ट्रंप ईरान के साथ युद्धविराम को सफल बनाने की कोशिश कर रहे थे। लेबनान के मुद्दे पर ईरान की चिंता को दूर करने के लिए ही ट्रंप ने नेतन्याहू से बात करते लेबनान में शांति बनवाने की कोशिश की थी। इसके बाद इजरायली पीएम ने लेबनान के साथ सीजफायर चर्चा करने का ऐलान कर दिया।

नेतन्याहू ने ईरान सीजफायर चर्चा से लेबनान को दूर रखने की थी अपील

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले जब ईरान में सीजफायर को लेकर चर्चा हो रही थी, तब नेतन्याहू ने लेबनान के मुद्दे को इस सीजफायर से दूर रखने की अपील की थी। लेबनान के साथ इजरायल की अपनी पुरानी दुश्मनी है। इसी की वजह से इजरायल ने ईरान पर सीजफायर को स्वीकार किया था, लेकिन उसी वक्त साफ कर दिया था कि इजरायल, लेबनान में हमले नहीं रोकेगा।

इसके बाद, इजरायली सेना ने लेबनान पर जबरदस्त हमला किया। इस हमले के विरोध में ईरान ने होर्मुज को एक बार फिर से रोक दिया और सीजफायर मानने से इनकार कर दिया। सीजफायर को खतरे में पड़ता देख, ट्रंप एक्टिव हुए और उन्होंने नेतन्याहू के मुद्दे पर बात की।

अगले हफ्ते सीजफायर की चर्चा करेंगे लेबनान और इजरायल

28 फरवरी को ईरान पर इजरालय और अमेरिका के हमले के बाद लेबनान में मौजूद ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला करना शुरू कर दिया था। इसी लड़ाई को खत्म करते हुए गुरुवार को नेतन्याहू ने लेबनान के साथ बातचीत का ऐलान कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल और लेबनान के अधिकारी अगले सप्ताह वॉशिंगटन में मिलने वाले हैं, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के साथ इज़राइल की कई हफ्तों से जारी लड़ाई को शांत करना चाहते हैं, जिसने अमेरिका-ईरान युद्धविराम को कमजोर करने का खतरा पैदा कर दिया है। दोनों पक्ष ट्रंप के दबाव में हैं कि वे संघर्ष को समाप्त करें, जो इस सप्ताहांत पाकिस्तान में होने वाली समानांतर वार्ताओं में ईरान की प्रमुख मांग भी है।

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