खार्ग को कर दिया खत्म; ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा; लेकिन 'इसे' छोड़ दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला कर वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमने खार्ग द्वीप पर हमला किया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला कर वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि हमने खार्ग द्वीप पर हमला किया और उसे पूरी तरह तबाह कर दिया। हमने द्वीप पर तेल पाइपलाइनों और तेल ढांचे वाले क्षेत्र को छोड़कर सब कुछ नष्ट कर दिया। हमने जानबूझकर पाइपलाइनों और तेल सुविधाओं को नहीं छुआ।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य पक्ष होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में बाधा डालता है, तो अमेरिका इस फैसले पर पुनर्विचार कर सकता है और तेल ढांचे को भी निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि हम ऐसा नहीं करना चाहते थे, लेकिन हम ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि महज पांच मिनट की सूचना पर भी यह काम हो जाएगा। लेकिन इसे फिर से बनाने में बहुत लंबा समय लगेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे बताया कि अमेरिकी बलों ने 30 से अधिक खदान बिछाने वाले जहाजों और संबंधित सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों को धमकी देने की क्षमता को बुरी तरह कुचल दिया गया है। इस दौरान ट्रंप ने अन्य देशों से अपील की कि वे इस क्षेत्र में अमेरिका की मदद करें। उन्होंने कहा कि हम अन्य देशों को, जिनकी अर्थव्यवस्था हमारी तुलना में होर्मुज जलडमरूमध्य पर कहीं अधिक निर्भर है, दृढ़ता से प्रोत्साहित करते हैं कि वे आएं और जलडमरूमध्य के मामले में हमारी मदद करें।
दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं के बीच कहा है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहयोगी देश मदद नहीं करते हैं तो नाटो के लिए भविष्य 'बहुत खराब' हो सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब तक ऑस्ट्रेलिया और जापान ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल अपने जहाज भेजने की योजना नहीं बना रहे हैं। ब्रिटेन ने कहा है कि वह विकल्पों पर विचार कर रहा है, जबकि चीन ने संघर्ष को तत्काल समाप्त करने का आह्वान किया है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि जो देश जलडमरूमध्य के सुरक्षित उपयोग को लेकर बातचीत करना चाहते हैं, उनके साथ तेहरान चर्चा के लिए तैयार है।
ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी के अनुसार पिछले तीन दिनों में कोई नई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन जलडमरूमध्य पर खतरा अभी भी 'गंभीर' बना हुआ है। युद्ध शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी के आसपास कम से कम 20 जहाजों पर हमले हो चुके हैं।
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