Donald Trump administration1000 international students have had visas or legal status revoked अमेरिका में 1000 से ज्यादा छात्रों का वीजा रद्द; हिरासत या वापस भेजे जाने का खतरा, ट्रंप पर भड़के लोग, International Hindi News - Hindustan
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अमेरिका में 1000 से ज्यादा छात्रों का वीजा रद्द; हिरासत या वापस भेजे जाने का खतरा, ट्रंप पर भड़के लोग

  • कुछ छात्रों को यातायात उल्लंघन जैसे मामूली उल्लंघनों के लिए निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें से कुछ घटनाएं बहुत पहले हुई हैं। कुछ मामलों में, छात्रों का कहना है कि यह साफ नहीं है कि उन्हें क्यों टारगेट बनाया गया।

Fri, 18 April 2025 03:45 PMNiteesh Kumar भाषा
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अमेरिका में 1000 से ज्यादा छात्रों का वीजा रद्द; हिरासत या वापस भेजे जाने का खतरा, ट्रंप पर भड़के लोग

अमेरिका में 1,000 से अधिक विदेशी छात्रों के वीजा पर हाल के हफ्तों में रोक लगा दी गई है। इसके बाद कई छात्रों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं। उन्होंने दलील दी है कि सरकार ने उनसे यूएस में रहने की इजाजत अचानक वापस ले ली है। अमेरिका में रहने की कानूनी अनुमति वापस लेने के संघीय सरकार के फैसले के कारण सैकड़ों छात्रों के सामने हिरासत में लिए जाने और निर्वासित किए जाने का खतरा पैदा हो गया है। इन छात्रों में हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड जैसे निजी विश्वविद्यालयों, मैरीलैंड यूनिवर्सिटी व ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थानों और कुछ छोटे महाविद्यालयों के छात्र शामिल हैं।

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यूनिवर्सिटी के बयानों, स्कूल अधिकारियों के साथ पत्राचार और अदालती रिकॉर्ड की न्यूज एजेंसी एपी ने समीक्षा की। इसके अनुसार, मार्च के अंत से अब तक 160 कॉलेजों, विश्वविद्यालयों के कम से कम 1,024 छात्रों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं या अमेरिका में रहने की उनकी कानूनी अनुमति वापस ले ली गई है। गृह मंत्रालय के खिलाफ दायर मुकदमों में छात्रों ने तर्क दिया है कि सरकार के पास उनका वीजा रद्द करने या अमेरिका में रहने की कानूनी अनुमति वापस लेने का कोई उचित कारण नहीं है।

ट्रंप प्रशासन का क्या कहना है?

गृह मंत्रालय के अधिकारियों को इस मामले पर प्रतिक्रिया देने के लिए संदेश भेजा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। कॉलेजों का कहना है कि कुछ छात्रों को यातायात उल्लंघन जैसे मामूली उल्लंघनों के लिए निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें से कुछ घटनाएं बहुत पहले हुई हैं। कुछ मामलों में, छात्रों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के कार्यकर्ता महमूद खलील की हिरासत समेत कुछ और चर्चित मामले रहे। इसे लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कहा कि उसे फिलिस्तीन समर्थक गतिविधियों में शामिल होने के कारण गैर-अमेरिकियों को निर्वासित करने की इजाजत दी जानी चाहिए।

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