Crude Oil rate Like a Rocket Amid Israel Iran war impact on india and Across the world इजरायल और ईरान जंग से क्रूड ऑयल की रॉकेट रफ्तार, भारत समेत पूरी दुनिया को झटका, International Hindi News - Hindustan
More

इजरायल और ईरान जंग से क्रूड ऑयल की रॉकेट रफ्तार, भारत समेत पूरी दुनिया को झटका

13 जून को इजरायल की ईरान पर पहली स्ट्राइक के साथ शुरू हुई जंग अब कच्चे तेल की कीमतों को वैश्विक स्तर पर हिला दिया है। क्रूड ऑयल में 13% तक की छलांग यह संकेत है कि आने वाले दिन भारत और अन्य आयातक देशों के लिए और मुश्किल हो सकते हैं।

Thu, 19 June 2025 10:53 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान
share
इजरायल और ईरान जंग से क्रूड ऑयल की रॉकेट रफ्तार, भारत समेत पूरी दुनिया को झटका

13 जून को जब इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, तब से पश्चिम एशिया में तनाव आसमान छू रहा है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध सप्ताहभर में ही चरम पर पहुंच चुका है। इस जंग में अमेरिका के भी कूदने की आशंका बनी हुई है। इस युद्ध का असर सिर्फ दोनों देशों तक ही सीमित नहीं है, कच्चे तेल के दाम रॉकेट की रफ्तार से ऊपर पहुंच गए हैं।

बीते एक हफ्ते में क्रूड ऑयल की कीमतों में 13% तक का इजाफा हुआ है, जिससे वैश्विक बाजारों में घबराहट बढ़ गई है। वहीं, भारत समेत जैसे क्रूड ऑयल का आयात करने वाले देशों में चिंता गहरा गई है।

इज़रायल की पहली स्ट्राइक के बाद कीमत 7 फीसदी बढ़ी

रॉयटर्स के अनुसार, 13 जून को जैसे ही इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फहान जैसे शहरों में हमले शुरू किए, वैश्विक बाज़ारों में उथल-पुथल शुरू हो गई। क्रूड ऑयल की कीमत $69.36 से सीधा उछलकर $74.23 प्रति बैरल पर पहुंच गई – यानी लगभग 7% की बढ़त के साथ।

सप्ताहभर में कीमतों में रॉकेट रफ्तार

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 13 से 19 जून के बीच, क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर $77.06 प्रति बैरल पर पहुंचा, वहीं अमेरिकी WTI क्रूड $75.68 तक चढ़ गया। रॉयटर्स की 17 जून की रिपोर्ट कहती है, ईरान-इजरायल युद्ध के कारण तेल में $10 प्रति बैरल तक का ‘रिस्क प्रीमियम’ जुड़ गया है।

वहीं, ब्लूमबर्ग के अनुसार, निवेशकों में डर है कि कहीं ईरान हॉर्मुज़ की खाड़ी बंद न कर दे, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो सकती है और तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:इजरायल-ईरान युद्ध में रूस की भी एंट्री, अमेरिका को दे डाली धमकी, क्या-क्या कहा?
ये भी पढ़ें:दशकों बाद अकेला पड़ा ईरान, बगदाद से बेरूत तक, कोई नहीं दे रहा साथ; कहां हैं साथी
ये भी पढ़ें:इजराइल-ईरान जंग के चलते भारत का यह कारोबार प्रभावित! कंपनी के शेयर हुए क्रैश

भारत पर क्या असर

भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85% आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में हर $1 का इजाफा सीधे रुपये की कीमत, पेट्रोल-डीजल के रेट और महंगाई दर पर असर डालता है। जानकारों के मुताबिक, अगर तेल $80 पार करता है, तो सरकारी सब्सिडी पर दबाव बढ़ेगा और राजकोषीय घाटा भी गहराएगा। एनर्जी विश्लेषक अम्बुज अग्रवाल कहते हैं, "यह केवल तेल की नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक जोखिम है। जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंचेगा, कीमतें और बढ़ सकती हैं।" एस एंड पी ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, "तेल उत्पादक देश अगर उत्पादन नहीं बढ़ाते तो कीमतें आने वाले हफ्तों में $85–90 तक पहुंच सकती हैं।"

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।