China Welcomes India Vikram Doraiswami as Ambassador Says Relations Between the Two Countries भारत ने विक्रम दुरईस्वामी को बनाया राजदूत तो चीन ने किया स्वागत, कहा- दोनों देशों के संबंधों को..., International Hindi News - Hindustan
More

भारत ने विक्रम दुरईस्वामी को बनाया राजदूत तो चीन ने किया स्वागत, कहा- दोनों देशों के संबंधों को...

लिन ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि पदभार ग्रहण करने के बाद, दुरईस्वामी चीन-भारत संबंधों के सतत सुधार एवं विकास में सकारात्मक योगदान देंगे। दुरईस्वामी की नियुक्ति ने चीनी आधिकारिक मीडिया और चीनी रणनीतिक समुदाय में काफी दिलचस्पी पैदा की है।

Fri, 20 March 2026 06:46 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, बीजिंग
share
भारत ने विक्रम दुरईस्वामी को बनाया राजदूत तो चीन ने किया स्वागत, कहा- दोनों देशों के संबंधों को...

चीन ने शुक्रवार को नए भारतीय राजदूत के रूप में वरिष्ठ राजनयिक विक्रम दुरईस्वामी की नियुक्ति का स्वागत किया और आशा व्यक्त की कि वह भारत-चीन संबंधों में निरंतर सुधार के लिए सकारात्मक योगदान देंगे। भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1992 बैच के अधिकारी दुरईस्वामी वर्तमान में ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में कार्यरत हैं। चीन में उनके जल्द ही नया कार्यभार संभालने की उम्मीद है। 56 वर्षीय दुरईस्वामी चीन में प्रदीप कुमार रावत से यह जिम्मा लेंगे।

दुरईस्वामी की नियुक्ति पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेसवार्ता में कहा कि राजनयिक राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण और सहकारी संबंधों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण सेतु होते हैं। लिन ने कहा कि चीन भारत के नए राजदूत का स्वागत करता है और यहां उनके पदभार ग्रहण करने के लिए सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी तथा भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने में उनकी सकारात्मक भूमिका की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, ''मैंने देखा कि राजदूत दुरईस्वामी ने अपना चीनी नाम चुना है: वेई जियामेंग।'' चीनी विद्वानों के अनुसार, मंदारिन में इस नाम का सामान्य अनुवाद 'वेई' है, जो एक आम चीनी उपनाम है और जिसका उच्चारण विक्रम के 'वी' से मिलता-जुलता है। बहुत पहले, चीनी इतिहास में वेई एक शक्तिशाली राज्य था।

विद्वानों ने पीटीआई से कहा कि 'जिया' का अर्थ ''शुभ या प्रशंसनीय'' है, और 'मेंग' का अर्थ ''सहयोगी'' है। व्यापक अर्थ में इसका अर्थ शुभ/प्रशंसनीय सहयोगी है। चीन के एक विद्वान के अनुसार, इन सभी बातों को मिलाकर इसे ''एक उत्कृष्ट गठबंधन बनाने वाला'' कहा जा सकता है, जिसका भारत-चीन संबंधों के वर्तमान संदर्भ में कूटनीतिक महत्व है।

लिन ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि पदभार ग्रहण करने के बाद, दुरईस्वामी चीन-भारत संबंधों के सतत सुधार एवं विकास में सकारात्मक योगदान देंगे। दुरईस्वामी की नियुक्ति ने चीनी आधिकारिक मीडिया और चीनी रणनीतिक समुदाय में काफी दिलचस्पी पैदा की है। वह मंदारिन भाषा के जानकार हैं। उन्होंने अपने प्रारंभिक राजनयिक करियर में हांगकांग और बीजिंग दोनों के राजनयिक मिशन में सेवा की। उन्होंने अपने प्रारंभिक करियर में हांगकांग में तृतीय सचिव के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने न्यू एशिया येल-इन-एशिया भाषा स्कूल से चीनी भाषा में एक वैकल्पिक डिप्लोमा प्राप्त किया, और फिर सितंबर 1996 में चार साल के कार्यकाल के लिए बीजिंग चले गए।

चीनी आधिकारिक मीडिया ने दुरईस्वामी की नियुक्ति को लेकर सकारात्मक प्रचार किया है। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के पीपुल्स डेली प्रकाशन समूह का हिस्सा 'ग्लोबल टाइम्स' ने उनकी नियुक्ति की खबर पहले पृष्ठ पर, ''भारत ने अनुभवी चीन विशेषज्ञ को अगला राजदूत नियुक्त किया'' शीर्षक से प्रकाशित की है।

फुदान विश्वविद्यालय के दक्षिण एशियाई अध्ययन केंद्र के उपनिदेशक लिन मिनवांग ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, ''चीन में राजदूत का पद भारत की राजनयिक सेवा में सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है… चीन में दुरईस्वामी के कार्यकाल ने उन्हें देश की अधिक तर्कसंगत और व्यापक समझ प्रदान की है।'' त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रणनीति संस्थान के अनुसंधान विभाग के निदेशक कियान फेंग ने दैनिक समाचार पत्र से कहा कि दुरईस्वामी भारत के वरिष्ठ राजनयिकों में एक दिग्गज ''चीन विशेषज्ञ'' हैं, जिनके पास चीन-भारत संबंधों और चीन की राष्ट्रीय परिस्थितियों की गहरी समझ है।

उनके अनुसार, यह नवीनतम नियुक्ति बीजिंग के साथ संबंधों को नयी दिल्ली द्वारा दिए जाने वाले महत्व को रेखांकित करती है, और संबंधों को स्थिर करने एवं आगे बढ़ाने में व्यावसायिकता और व्यावहारिकता दोनों पर मजबूत जोर को दर्शाती है, जो एक सकारात्मक संकेत है। दुरईस्वामी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब दोनों पक्ष संबंधों को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं जो अप्रैल 2020 में पूर्वी लद्दाख में चार साल से अधिक समय तक चले सैन्य गतिरोध के बाद गंभीर रूप से तनावपूर्ण हो गए थे।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।