China US Relation Behave Yourself China Threat to American Foreign Minister says Behave Your Self Tension Increase ढंग से रहो; पहली ही बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री को चीन ने दे दी खुली धमकी, अब बढ़ेगा तनाव?, International Hindi News - Hindustan
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ढंग से रहो; पहली ही बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री को चीन ने दे दी खुली धमकी, अब बढ़ेगा तनाव?

  • US-China News: रुबियो और चीन के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे हैं, क्योंकि रुबियो ने अमेरिकी सीनेटर के तौर पर चीन की मुखर आलोचना की थी। उन्होंने चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं।

Sat, 25 Jan 2025 05:37 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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ढंग से रहो; पहली ही बातचीत में अमेरिकी विदेश मंत्री को चीन ने दे दी खुली धमकी, अब बढ़ेगा तनाव?

China-US Relation: अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप एक के बाद एक फैसले ले रहे हैं। उन्होंने चीन पर भी ज्यादा टैरिफ लगाने के संकेत दिए हैं। इस बीच, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और अमेरिका के नए विदेश मंत्री मार्को रुबियो की फोन पर बात हुई, जिस दौरान उन्होंने एक फ्रेज बोला जिसका मोटे तौर पर मतलब 'ढंग से रहो' था। इन शब्दों को चीन की ओर से अमेरिका को धमकी की तरह भी देखा जा रहा है। वांग यी और रुबियो की डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बातचीत है। पहली ही बातचीत में तनाव जैसी स्थिति होने की वजह से भविष्य में दोनों देशों के बीच टेंशन और बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।

चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, वांग ने रुबियो से कहा, "मुझे उम्मीद है कि आप उसी के अनुसार काम करेंगे।" उन्होंने चीनी मुहावरा इस्तेमाल किया जो आमतौर पर एक शिक्षक या बॉस द्वारा किसी छात्र या कर्मचारी को अपने व्यवहार को सही तरीके से करने और अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार होने की चेतावनी देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रुबियो और चीन के बीच संबंध बहुत अच्छे नहीं रहे हैं, क्योंकि रुबियो ने अमेरिकी सीनेटर के तौर पर चीन की मुखर आलोचना की है। उन्होंने चीन के मानवाधिकार रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं। चीनी सरकार ने 2020 में दो बार उन पर प्रतिबंध लगाए।

चीनी विदेश मंत्रालय ने सही विकल्प चुनें और वह जो कहते या करते हैं, उसके बारे में बहुत विवेकपूर्ण रहें का इस्तेमाल 'तदनुसार कार्य करें' के बजाय किया है। इस बयान से पता चलता है कि चीन एक तरह से अमेरिका को चेतावनी भी दे रहा है। सेंटर फॉर चाइना एंड ग्लोबलाइजेशन के रिसर्च फेलो जिचेन वांग ने कहा, ''यह वाक्य एक तरह से छिपी हुई चेतावनी जैसा है और साथ ही आगे की कूटनीतिक भागीदारी के लिए आवश्यक शिष्टाचार को भी बनाए रखती है।'' रुबियो ने चीन के नेता शी जिनपिंग के शब्दों को समझने के लिए मूल चीनी का उल्लेख करने के महत्व का हवाला दिया। उन्होंने कहा, “उन्होंने जो अंग्रेजी अनुवाद प्रस्तुत किया है, उसे न पढ़ें क्योंकि अंग्रेजी अनुवाद कभी सही नहीं होता।”

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रुबियो ने चीन से क्या कहा

वहीं, अमेरिकी बयान में इस वाक्यांश का उल्लेख करने से परहेज किया गया और कहा गया कि रुबियो ने वांग से कहा कि ट्रंप प्रशासन चीन के साथ अपने संबंधों में अमेरिकी हितों को आगे बढ़ाएगा। बयान में ताइवान और दक्षिण चीन सागर में चीन की बलपूर्वक कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। वांग 2020 में विदेश मंत्री थे, जब चीन ने जुलाई और अगस्त में रुबियो पर प्रतिबंध लगाए थे। इस महीने की शुरुआत में अमेरिका के राष्ट्रपति बने डोनाल्ड ट्रंप अपने कट्टर चीन विरोधी रुख के लिए जाने जाते हैं। उनका लक्ष्य चीन को रणनीतिक और आर्थिक दोनों तरह से चुनौती देना है। वहीं, ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद चीन ने नियम-आधारित बहुध्रुवीय विश्व पर जोर दिया।

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